मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती गंभीर स्थितियां हैं, लगभग सभी उम्र के लोगों में इसका दुष्प्रभाव देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य विकारों को लेकर बड़ी चिंता ये है कि सामाजिक टैबू के कारण बड़ी संख्या में रोगियों को इलाज उपलब्ध नहीं हो पाता है। ये विकार कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन आदि। अगर इनका समय पर उपचार न किया जाए तो इसके कारण कई तरह की गंभीर शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है।
वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य विकारों को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य विकारों में स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्याओं को सबसे कॉमन माना जाता है, पर ये तीनों एक दूसरे से भिन्न स्थितियां हैं। कहीं आप भी तो इन्हें एक ही समस्या नहीं समझते आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि इनमें क्या अंतर है? सभी लोगों के लिए ये जानना जरूरी है।