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World Heart Day 2023: इन बीमारियों से पीड़ित हैं तो हो जाइए सावधान, आपको हृदय रोगों का खतरा अधिक

Fri, 29 Sep 2023 04:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय दिवस 2023 - फोटो : iStock
हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखना सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जो ऑक्सीजन युक्त रक्त को बाकी हिस्सों में पंप करता है जिससे कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी जैसे जोखिम कारकों के चलते इस सबसे महत्वपूर्ण अंग पर कई प्रकार से नकारात्मक असर देखा जा रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में हार्ट डिजीज के मामलों में बढ़ोतरी आई है, ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि हम सभी अपनी जीवनशैली में समय रहते स्वस्थ बदलाव करें।

दुनियाभर में बढ़ते हृदय रोग के जोखिमों को लेकर लोगों को सचेत करने और इससे बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय स्वास्थ्य के कई जोखिम कारक तो हैं ही, साथ ही कुछ बीमारियों के कारण भी समय के साथ आपमें इस रोग के विकसित होने का जोखिम हो सकता है।

आइए जानते हैं कि किन बीमारियों की स्थिति में आपको हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधान हो जाने की आवश्यकता होती है?
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कोरोना और हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमित रहे हैं तो हो जाइए सावधान

पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी का जोखिम बना हुआ है, कुछ नए वैरिएंट्स के कारण बीते दिनों यूके-यूएस में फिर से संक्रमण का जोखिम बढ़ता देखा गया है। अध्ययनकर्ताओं की टीम ने बताया कि कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति हृदय की सेहत को प्रभावित करने वाली पाई गई है। संक्रमितों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।

कोरोना संक्रमितों में ब्लड क्लॉटिंग, हार्ट अटैक का खतरा भी अधिक रिपोर्ट किया जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग संक्रमण के शिकार रहे हैं उन्हें एहतियातन हृदय की जांच करा लेनी चाहिए।


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हाई ब्लड प्रेशर और इसके जोखिम - फोटो : iStock
हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी

उच्च रक्तचाप आपकी धमनियों में लोच की कमी को कम करके उन्हें सख्त बना देती है, जिससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में  हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह भी कम हो जाता है जिसे हृदय रोगों के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की अनियंत्रित स्थिति हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ाने वाली मानी जाती है, जिससे बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है।

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डायबिटीज के कारण हृदय की सेहत पर असर - फोटो : Pixabay
डायबिटीज के कारण जोखिम

मधुमेह की स्थिति जिसमें ग्लूकोज का स्तर काफी बढ़ जाता है, ये आपकी रक्त वाहिकाओं और इससे संबंधित नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। समय के साथ, यह क्षति हृदय रोग का कारण बनने लगती है। मधुमेह से पीड़ित लोगों में, अन्य लोगों की तुलना में हार्ट डिजीज विकसित होने का खतरा दो गुना अधिक हो सकता है, यही कारण है कि इससे बचाव के लिए ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल दोनों को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती है।
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मोटापे का हृदय स्वास्थ्य पर असर - फोटो : iStock
मोटापा बड़ा खतरा

अगर आपका वजन अधिक है तो यह शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली स्थिति हो सकती है। मोटापे के कारण हृदय रोगों का भी खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि वजन को कंट्रोल करके इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है। मोटापा, कई और क्रोनिक बीमारियों के लिए जोखिम कारक है इसे कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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