ब्रेन ट्यूमर के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, युवा आबादी भी इसका शिकार हो रही है। मस्तिष्क या उसके आस-पास की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि ब्रेन ट्यूमर का कारण बनती है। कभी-कभी इसके शरीर के अन्य अंगों में फैलने का भी खतरा हो सकता है।
अमेरिकन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 10 लाख से अधिक लोग ब्रेन ट्यूमर के साथ जी रहे हैं। हर वर्ष लगभग 90,000 लोगों में प्राथमिक रूप से इसका निदान किया जाता है। बच्चों में भी इसका जोखिम हो सकता है।
ब्रेन ट्यूमर के बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर कारक हो ये जरूरी नहीं है। हालांकि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और इलाज आवश्यक है।