बाल झड़ने, बालों के सफेद होने को कुछ दशकों पहले तक उम्र बढ़ने का लक्षण माना जाता था, हालांकि अब ये दिक्कतें कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती जा रही हैं। इतना ही नहीं 20 से कम आयु के कई लोग सफेद हो चुके बाल या गंजेपन की समस्या का शिकार देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लोगों की खराब जीवनशैली, आहार में पोषक तत्वों की कमी, बढ़ते तनाव ने बालों की समस्याओं को पहले की तुलना में अब काफी बढ़ा दिया है।
बालों के झड़ने के लिए जेनेटिक्स को एक बड़ा कारण माना जाता है, मतलब अगर आपके पिता को बाल झड़ने या गंजेपन की समस्या रही है तो बच्चों में इसका खतरा अधिक होता है। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी हेयर फॉल से परेशान देखी जा रही हैं। पीसीओएस, थायरॉयड की समस्या और पोषण की कमी की वजह से महिलाओं में बालों से संबंधित दिक्कतें होती हैं।
लाइफस्टाइल और आनुवांशिकता के अलावा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बाल झड़ने के लिए गट हेल्थ यानी आंतों से संबंधित समस्याओं को भी जिम्मेदार बताया है। मतलब अगर आपका पाचन गड़बड़ है तो इस वजह से भी बाल झड़ सकते हैं। आइए इस कनेक्शन को समझ लेते हैं।