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Health Tips: बैठकर या खड़े होकर! क्या है भोजन करने का सही पोस्चर? डॉक्टर ने बताया अधिकतर लोग करते हैं ये गलती

Fri, 13 Mar 2026 12:48 PM IST
Shikhar Baranawal हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हम किस पोस्चर मैं बैठकर भोजन कर रहे हैं, इसका बहुत बड़ा असर हमारे सेहत पर भी पड़ता है। अगर हम सही तरीके से भोजन नहीं करते हैं, तो हेल्दी भोजन करने के बाद भी आप पाचन की समस्या से परेशान रह सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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भोजन के लिए बैठने का गलत पोस्चर (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
Benefits Of Sitting In Sukhasana While Eating: भारतीय संस्कृति में भोजन को एक साधना माना गया है, जहां खाने के स्वाद के साथ-साथ उसे ग्रहण करने के तरीके का भी विशेष महत्व है। आधुनिक जीवनशैली में हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि हमारे शरीर का पाचन तंत्र सिर्फ इस पर निर्भर नहीं करता कि हम क्या खा रहे हैं, बल्कि इस पर भी कि हम किस अवस्था में खा रहे हैं।

इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि ज्यादातर लोग गलत आसन में भोजन का सेवन करते हैं। डॉक्टर सोलंकी के मुताबिक अगर आप हेल्दी भोजन करते हैं, इसके बावजूद आपको बदहजमी और ब्लोटिंग से परेशान रहते हैं तो इसके पीछे आपके भोजन करने का गलत पोस्चर हो सकता है।

उन्होंने बताया कि बहुत से लोग सोफे या बिस्तर पर 'भालू' की तरह फैल कर भोजन करते हैं, जिससे मस्तिष्क तक 'पेट भरने का संकेत' (सटाइटी सिग्नल) देरी से पहुंचता है। इस वजह से अनजाने में ही ओवरईटिंग हो जाती है, जो मोटापा और एसिडिटी का एक बड़ा कारण है। ऐसे में डॉक्टर सलाह देती हैं कि रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर 'सुखासन' में बैठकर भोजन करना हेल्दी पाचन के लिए सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने बताया कि फर्श पर इत्मीनान से बैठकर भोजन करने से खाने का अधिकतम पोषण प्राप्त होता है। 
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भोजन के लिए बैठने का सही पोस्चर (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
भोजन का सबसे अच्छा तरीका
  • डॉ. शालिनी के अनुसार, भोजन करने का सबसे सही पोस्चर सुखासन (पालथी मारकर बैठना) है। अगर संभव हो तो जमीन पर बैठें, अन्यथा डाइनिंग टेबल पर भी बैठकर भोजन कर सकते हैं।
  • भोजन के लिए बैठते समय आपकी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। झुककर या पेट को दबाकर बैठने से पाचन अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे भोजन ठीक से नहीं पचता।
  • सीधा बैठने से पेट की मांसपेशियों को पर्याप्त जगह मिलती है, जिससे 'गैस्ट्रिक जूसेज' अपना काम बेहतर कर पाते हैं।

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खाने का गलत पोस्चर (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
चबाकर खाने का साइंस
  • डॉक्टर ने सुझाव दिया है कि भोजन को बहुत धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाना चाहिए। जल्दबाजी में निगलने से हवा भी अंदर जाती है, जो गैस का कारण बनती है।
  • उन्होंने एक और जरूरी टिप दिया कि जब आपका पेट 70-80% भर जाए, तभी खाना खाना रोक देना चाहिए।
  • ठूस-ठूस कर खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिससे आलस और भारीपन महसूस होता है।

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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
भोजन के बाद का 'शांति काल'
  • खाना खत्म करने के तुरंत बाद कभी न उठें। डॉ. शालिनी बताती हैं कि भोजन के बाद कम से कम 2 मिनट शांति से बैठें और उसके बाद ही उठें।
  • यह छोटा सा विश्राम शरीर को 'सिम्पैथेटिक' से 'पैरासिम्पेथेटिक' मोड में लाने में मदद करता है, जो पाचन के लिए बहुत जरूरी है।
  • अगर आप एसिडिटी से परेशान हैं, तो खाने के चुनाव के साथ-साथ इन आदतों को सुधारना दवाइयों से अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
 
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पौष्टिक खानपान - फोटो : Adobe
सही पोस्चर क्यों जरूरी?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर भूल जाते हैं कि भोजन ग्रहण करना एक साधना है। इसलिए बिस्तर पर बैठकर या खड़े होकर खाने की आदत से बचना चाहिए और खाते समय अपनी रीढ़ को सीधा रखकर ही भोजन करना चाहिए। ये छोटा सा बदलाव न सिर्फ आपकी पाचन की समस्या को दूर करेंगे, बल्कि आपको एनर्जेटिक और फिट भी रखेंगे।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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