फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Eye Problems: बार-बार आंखों में दर्द होना सामान्य नहीं, जानिए आखिर इसकी वजह क्या है

Sat, 01 Nov 2025 05:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अगर आपको आंखों में दर्द है, तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि समय रहते आप इसका इलाज प्राप्त करें। दर्द की स्थिति कई बार गंभीर रोगों के कारण भी हो सकती है जिसपर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
1 of 4
आंखों में बना रहता है दर्द? - फोटो : Freepik
आंखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं इसी की मदद से हम दुनिया की खूबसूरती का आनंद ले पाते हैं। हालांकि समय के साथ आंखों में कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ती जा रही है। आंखों की कुछ बीमारियों, संक्रमण या फिर चोट के कारण आपको दर्द की समस्या महसूस होती रह सकती है। आंखों में दर्द के साथ आमतौर पर कई अन्य लक्षण जैसे आंखों की लालिमा, खुजली, और सूजन की दिक्कत भी हो सकती है। इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।

मौजूदा समय में आंखों पर सबसे ज्यादा दबाव स्क्रीन टाइम के कारण पड़ रहा है। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने लंबा समय बिताना आंखों को थका देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार 2-3 घंटे स्क्रीन देखने के बाद आंखों में सूखापन, दर्द और जलन जैसी दिक्कतें होना आम है। इसके अलावा, प्रदूषण, नींद की कमी, ड्राई आई सिंड्रोम और कंजक्टिवाइटिस जैसी स्थितियां भी आंखों में दर्द की वजह बन सकती हैं।

नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों में बार-बार दर्द होना या धुंधला दिखने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह लक्षण ग्लूकोमा, कॉर्नियल अल्सर या किसी संक्रमण से भी जुड़े हो सकते हैं। इनका समय पर इलाज न मिलने पर आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
विज्ञापन

2 of 4
आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik
आंखों में दर्द और अन्य समस्याएं

आंखों में दर्द, कुछ प्रकार की बीमारियों के कारण भी हो सकता है। कंजेक्टिवाइटिस जिसे पिंक आई भी कहा जाता है, ये इसका सबसे प्रमुख कारक है। इसके अलावा चोट के कारण भी आंखों की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे दर्द हो सकता है। इंफेक्शन या प्रदूषण भी आंखों के लिए समस्याएं बढ़ाने वाली होती है।

ये समस्याएं भले ही सामान्य नजर आती हैं पर अगर इसपर ध्यान न दिया जाए या फिर डॉक्टरी सलाह से उपचार न किया जाए तो इससे आंखों की गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।
विज्ञापन

3 of 4
आंखों से संबंधित समस्याओं के कारण - फोटो : Freepik.com
आंखों पर जरूरत से ज्यादा दबाव 

लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन देखने से आंखों पर लगातार दबाव पड़ता है। इस स्थिति को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। इससे आंखों में दर्द, सिरदर्द, धुंधला दिखना और पानी आना जैसी समस्याएं होती हैं। जब आप बिना ब्रेक लिए घंटों स्क्रीन पर काम करते हैं, तो पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखें सूख जाती हैं। इसके कारण भी आपकी आंखों में दर्द हो सकता है।


ग्लूकोमा की बढ़ती समस्या

ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है जिसमें आंखों के अंदर का दबाव बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। इसके शुरुआती लक्षणों में हल्का दर्द, धुंधला दिखना, सिरदर्द और कभी-कभी मतली शामिल हैं। यह धीरे-धीरे दृष्टि को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो आंखों की रोशनी तक जा सकती है।


कहीं आंखों में कोई संक्रमण तो नहीं?

जब आप अपने हाथों से आंखों को रगड़ते हैं तो आंखों में वायरस, बैक्टीरिया प्रवेश करके संक्रमण पैदा कर सकते हैं। आंखों में संक्रमण की समस्या आमतौर पर हल्के दर्द, लालिमा और खुजली के साथ शुरू होती है और संक्रमण बढ़ने के साथ आंखों की मांसपेशियों को क्षति पहुंचा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी संक्रमण को हल्के में न लें और समय रहते इसका उपचार प्राप्त करें।
 
विज्ञापन

4 of 4
आंखों की समस्याएं - फोटो : freepik.com
आंखों में दर्द के क्या कारण हैं?

आंखों में अक्सर होते रहने वाले दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इसमें कुछ सामान्य और कुछ गंभीर मामले भी शामिल हैं। 
  • दिनभर की मेहनत और थकान आंखों में दर्द का कारण बन सकती है।
  • धूप में या अंधकार में अधिक समय बिताने से भी आंखों में सूजन और दर्द की दिक्कत बढ़ सकती है।
  • धूल, रुखापन या एलर्जेन के कारण भी आंखों में सूजन पैदा हो सकती है जिससे दर्द और कई प्रकार की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
  • लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल करने की वजह से भी कई लोगों में आंखों के दर्द की समस्या बढ़ती हुई देखी गई है।


-------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें