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डायटीशियन की सलाह: क्या खाते हैं से ज्यादा कब खाते हैं पर ध्यान देना जरूरी, क्या होता है सेहत पर असर?

Sun, 04 Oct 2026 08:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार तो जरूरी है ही साथ ही उसकी टाइमिंग भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स पर असर होता है। रात में देर से भारी भोजन और अनियमित खान-पान आपके लिए समस्या बढ़ा सकता है। 
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Amarujala.com/AI
सेहतमंद रहने के लिए हम अक्सर इस बात पर ध्यान देते हैं कि खाने की प्लेट में क्या है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाइट में फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन वाली चीजों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या सिर्फ हेल्दी चीजें खाना ही पर्याप्त है?

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन का फायदा सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि आपने क्या खाया, बल्कि यह भी मायने रखता है कि आपने किस समय खाया है? सुबह का नाश्ता छोड़ना, देर रात खाना, दिन में लंबे समय तक भूखे रहना या हर दिन अलग-अलग समय पर भोजन करने को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए नुकसानदायक बताते हैं।

क्या आप भी खान-पान को लेकर इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं?
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
हमारे शरीर में एक प्राकृतिक बायोलॉजिकल क्लॉक होती है, जो नींद से लेकर पाचन और हार्मोन के कामकाज तक कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। खाने का समय भी इससे जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि एक ही भोजन अगर सही समय पर लिया जाए तो उसका असर अलग और बहुत देर से खाने पर अलग तरह से हो सकता है।

रात में देर से भारी भोजन करना और दिन में लंबे समय तक कुछ न खाना आपके लिए परेशानी बढ़ा सकता है। 
 
बायोलॉजिकल क्लॉक का रखें ध्यान

हमारा शरीर 24 घंटे की जैविक लय के अनुसार कई काम करता है। दिन और रात के हिसाब से हार्मोन और मेटाबॉलिज्म में बदलाव होते हैं। इसलिए भोजन का समय भी शरीर की इस लय से जुड़ा हो सकता है। नियमित समय पर खाना एक व्यवस्थित दिनचर्या बनाने में मदद करता है। समय पर भोजन करने से उसका पाचन आसान होता है और शरीर को बेहतर लाभ मिल पाते हैं।
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डिनर के समय को लेकर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
रात में देर से खाने से क्या होता है?

रात में बहुत देर से भारी भोजन करने पर पाचन और नींद प्रभावित हो सकती है। कुछ अध्ययनों में देर से खाने का वजन, ब्लड शुगर तथा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि शाम को 7-8 के बीच डिनर कर लेना सबसे अच्छा रहता है। डिनर के बाद 10-15 मिनट की हल्की वॉक भोजन को पचाने और शरीर के शुगर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
खाने के बीच बहुत लंबा अंतर ठीक नहीं

लंबे समय तक मील में गैप को भी सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है। लंबे समय तक भूखे रहने से आपको ज्यादा भूख लग सकती है और अगली बार जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका बढ़ जाती है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वालों के लिए भोजन में लंबा गैप ब्लड शुगर प्रभावित कर सकता है। इसलिए दो मील के बीच ज्यादा गैप नहीं रखना चाहिए। थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का और पौष्टिक चीजें खाते रहना चाहिए।
 
  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें। 
  • भोजन का समय नियमित  रखें और रात में बहुत भारी भोजन से बचें। 
  • डायबिटीज या दूसरी बीमारी होने पर भोजन का समय डॉक्टर या डाइटिशियन से तय करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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