फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: शादियों-उत्सवों में बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट के मामले, विशेषज्ञ ने बताई इसकी मुख्य वजह

Tue, 06 Dec 2022 03:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
बीते शनिवार को लखनऊ में शादी का जश्न, मातम में बदल गया। शादी के एक कार्यक्रम के दौरान अचानक दुल्हन स्टेज पर गिर पड़ी, जहां उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि दुल्हन को कार्डियक अरेस्ट हुआ था, वह पिछले कुछ दिनों से बीमार भी चल रही थी। हाल के कुछ महीनों में शादियों-पार्टियों के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले और इससे मौत का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता देखा गया है।

इसी तरह से सोशल मीडिय पर वायरल एक अन्य वीडियो में डांस करते-करते 40 वर्षीय एक व्यक्ति भी अचानक से गिर गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। इस तरह के जोखिमों को लेकर डॉक्टर्स ने लोगों को अलर्ट किया है। 

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, पिछले कुछ समय से उत्सवों के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से संबंधित जोखिम बढ़े हुए देखे जा रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसके लिए कोरोना महामारी के दुष्प्रभावों को भी एक जोखिम कारक मानकर देखा जा रहा है। कोरोना ने हृदय की सेहत को कई स्तर पर गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे इससे संबंधित बीमारियों का जोखिम पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। ज्यादातर लोग तो ऐसे हैं जिनको पहले से पता ही नहीं होता है कि उन्हें हृदय की समस्या है। आइए जानते हैं कि इस तरह से बढ़ती समस्याओं के क्या कारण हो सकते हैं और इससे बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
तेज आवाज का हृदय पर हो रहा है असर

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अनवर.एम खान कहते हैं डीजे की तेज आवाज (जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता हो) को इस तरह से बढ़ते मामलों के लिए काफी जिम्मेदार पाया जा रहा है। तेज आवाज के कारण सिंपैथिक नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचाती देखी जा रही है, जिससे लोगों में हृदय गति बढ़ने का खतरा हो सकता है। यह स्थिति  हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसे गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण के कारण हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है, जिससे हृदय की क्षमता कमजोर हो गई है। 
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना संक्रमण के जोखिम - फोटो : prayagraj
कोरोना ने बढ़ा दी है हृदय की समस्याएं

अध्ययनों में पाया गया है कि महामारी ने भी कई स्तर पर हृदय की समस्याओं को बढ़ा दिया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोनावायरस का संक्रमण नसों और धमनियों की आंतरिक सतहों को भी प्रभावित करता है, जिससे रक्त वाहिका में सूजन हो सकती है। यह छोटी वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने के साथ रक्त के थक्कों को बढ़ाने वाली स्थिति भी मानी जाती है, जिसके कारण भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ रहा है। जिन लोगों को संक्रमण रह चुका है, उनमें जोखिम अधिक देखे जा रहे हैं। लॉन्ग कोविड के खतरों में हृदय रोग को मामलों को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते रहे हैं।

4 of 5
हृदय रोगों के जानलेवा मामले - फोटो : istock
हार्ट अटैक की स्थिति में प्रारंभिक देखभाल जरूरी

डॉ अनवर कहते हैं, अगर समय पर रोगी को समुचित देखभाल मिल जाए तो हार्ट अटैक के बाद भी उसकी जान बचाई जा सकती है। सडेन हार्ट अटैक के मामलों में यदि कार्डियो पल्मोनरी रिस्यूसिटेशन (सीपीआर) दे दिया जाए तो ऐसे लोगों की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर में दोनों हाथों से रोगी की छाती को दबाने उसे सांस लेने में मदद मिलती है। रोगी की सांस की जांच करें और सीपीआर की मदद से उसे सांस दिलाएं, ऐसा करके जान बचाई जा सकती है। इस बारे में सभी लोगों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Pixabay
हृदय की सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिस तरह से तेज से हृदय से संबंधित जानलेवा स्थितियों के मामले बढ़े हैं इससे बचाव के लिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। यदि आप हाल में संक्रमण का शिकार रह चुके हैं तो एहतियातन डॉक्टर से संपर्क करके हृदय की जांच करा लें। इसके अलावा जोखिमों से बचाव के लिए उत्सवों में तेज आवाज वाले साउंड्स से दूर रहें, इससे हृदय गति बढ़ने का खतरा हो सकता है। स्वस्थ लोगों को भी हृदय की जांच करानी चाहिए साथ ही इसको स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है।  



-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें