शरीर के जिस अंग पर लकवा या पैरालाइसिस का अटैक पड़ता है वह कुछ भी महसूस करने की क्षमता नष्ट कर देता है। चेहरे पर लकवा होने पर मुंह आधा टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर आवाज नहीं निकलती या मरीज तुतलाने लगता है। ये किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह उम्रदराज लोगों में देखने को मिलता है। इसे ठीक होने में काफी समय लग सकता है और अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह लाइलाज बीमारी भी बन सकती है।
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लकवे के मरीज के लिए रामबाण हैं लहुसन की कच्ची कलियां
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लकवा
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में लकवा होने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा खून का थक्का जमना, स्ट्रोक, बैड कॉलेस्ट्रॉल का बढ़ना आदि इसके कारण हो सकते हैं। इस बीमारी से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय आजमाएं जा सकते हैं।
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लकवा
- लकवा से पीड़ित व्यक्ति को पांच लहसुन की कलियां पीसकर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर दें। करीब डेढ़ से दो महीने के अंदर ही आपको मरीज में सुधार नजर आएगा। इसके अलावा लहसुन को दूध में मिलाकर पीने से भी आराम मिलता है।
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लकवा
- रोज से 20 से 40 मिली. मूली का तेल पीने से रोगी को आराम मिलता है।
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लकवा
- अगर आपका कोई भी अंग बहुत ज्यादा सुन्न पड़ता हो, बोलने में दिक्कत आती हो या अंग फड़फड़ाने लगें तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
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लकवा
- लकवा ग्रस्त होने पर रोगियों को कुछ योग जैसे पर्वातासन, सिद्धासन आदि करने की सलाह दी जाती है।