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Health Tips: क्या होता है मेंस्ट्रुअल माइग्रेन? जान लें इसके शुरुआती लक्षण

Mon, 29 Dec 2025 07:42 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Symptoms of Hormonal Migraine in Hindi: पीरियड्स में सिर दर्द करना आम बात है। बहुत सी महिलाएं इसको लेकर परेशान रहती हैं। कुछ महिलाओं के साथ ये हर बार होता है, इसे मेंस्ट्रूअल माइग्रेन कहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं साथ ही इससे बचाव के उपाय के बारे में भी जानते हैं।
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पीरियड्स में सिरदर्द करना - फोटो : Amar Ujala
Relationship Between Estrogen And Migraine: मेंस्ट्रुअल माइग्रेन, जिसे 'हार्मोनल माइग्रेन' के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसी स्थिति है जो महिलाओं को उनके मासिक धर्म चक्र से ठीक पहले या उसके दौरान प्रभावित करती है। यह सामान्य सिरदर्द से काफी अलग और अधिक कष्टदायक होता है। इसका मुख्य कारण शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के लेवल में होने वाली अचानक गिरावट है। जब एस्ट्रोजन का लेवल गिरता है, तो यह मस्तिष्क में 'सेरोटोनिन' जैसे रसायनों को प्रभावित करता है, जिससे नसों में सूजन और तेज दर्द शुरू हो जाता है।

बहुत सी महिलाओं को सामान्य दिनों में कभी माइग्रेन नहीं होता, लेकिन एस्ट्रोजन हार्मोन में होने वाली तेज गिरावट के कारण उन्हें सिर्फ पीरियड्स के दौरान ही माइग्रेन का अनुभव होता है। कुछ लोग इसे 'प्योर मेंस्ट्रुअल माइग्रेन' भी कहते हैं। इसमें महिला को पीरियड्स के दौरान सिरदर्द रहता है, लेकिन कई बार पीरियड्स शुरू होने से दो दिन पहले या शुरू होने के तीन दिन बाद तक जबरदस्त सिरदर्द हो सकता है। 

यह दर्शाता है कि उनका मस्तिष्क हार्मोनल उतार-चढ़ाव के प्रति बहुत संवेदनशील है। यह दर्द अक्सर सिर के एक हिस्से में धड़कन जैसा महसूस होता है। इसे पहचानना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसका उपचार और प्रबंधन सामान्य तनाव वाले सिरदर्द से थोड़ा अलग होता है।
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मेंस्ट्रुअल माइग्रेन के शुरुआती लक्षण - फोटो : Freepik.com
मेंस्ट्रुअल माइग्रेन के शुरुआती लक्षण
इस माइग्रेन के लक्षण पीरियड्स शुरू होने के दो दिन पहले से दिखाई दे सकते हैं। इसमें सिर के एक तरफ तेज टीस मारना, जी मिचलाना, उल्टी महसूस होना और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। कुछ महिलाओं को इस दौरान चक्कर आना, थकान और एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं, जो उनकी दैनिक कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।
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पीरियड्स में मानसिक तनाव होना - फोटो : Freepik.com
हार्मोनल ट्रिगर्स और जोखिम कारक
मेंस्ट्रुअल माइग्रेन का सबसे बड़ा ट्रिगर 'मेंस्ट्रुअल साइकिल' ही है, लेकिन तनाव, अधूरी नींद और कैफीन का अधिक सेवन इस स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। शोध बताते हैं कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं, उनमें हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण इसके लक्षण अधिक तीव्र हो सकते हैं। यह दर्द पीरियड्स खत्म होने के साथ धीरे-धीरे कम होने लगता है।

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मेंस्ट्रुअल माइग्रेन में डॉक्टर की सलाह - फोटो : Freepik.com
डॉक्टर की सलाह और निदान
अगर आपको हर महीने पीरियड्स के दौरान असहनीय सिरदर्द होता है, तो एक 'सिरदर्द डायरी' बनाना शुरू करें। इसमें अपने पीरियड्स की तारीख और दर्द के दिनों को दर्ज करें। इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलेगी कि आपका माइग्रेन हार्मोनल है या नहीं। अगर दर्द इतना बढ़ जाए कि दवाएं असर करना बंद कर दें, तो जल्द से जल्द किसी न्यूरोलॉजिस्ट या स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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कद्दू के बीज - फोटो : Freepik.com
बचाव के उपाय
मेंस्ट्रुअल माइग्रेन से बचाव के लिए अपनी जीवनशैली में सुधार करना सबसे प्रभावी तरीका है। पीरियड्स से एक हफ्ते पहले नमक और चीनी का सेवन संतुलित कर दें और पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। नियमित योग और 'मैग्नीशियम' युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे कद्दू के बीज, पालक) का सेवन मांसपेशियों और नसों को शांत रखता है। साथ ही, नींद का एक निश्चित पैटर्न बनाएं और तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेने वाले व्यायाम का अभ्यास करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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