प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर सेहत में सुधार को लेकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। बढ़ते मोटापे की समस्या से निपटने के लिए
खाने के तेल में कटौती की बात हो या फिट इंडिया मूवमेंट, स्वास्थ्य सुधार उनके विकसित भारत मिशन का महत्वपूर्ण पहलू है।
इसी क्रम में रविवार (28 जनवरी) को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के इस साल के आखिरी अंक में उन्होंने एंटीबायोटिक्स दवाओं के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना डॉक्टरी सलाह के इनका इस्तेमाल, जीवन बचाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं को बेअसर और खतरनाक बना रहा है। खासकर निमोनिया और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन जैसी बीमारियों में इसका जिस तरह से बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल हो रहा है, वह काफी चिंताजनक है।
मोदी ने कहा कि दवाओं के लिए सही गाइडेंस की जरूरत होती है और एंटीबायोटिक्स हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक्स का गलत इस्तेमाल एक गंभीर स्वास्थ्य संबंधित खतरा बनता जा रहा है।