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Body Dysmorphia: शरीर के लुक को लेकर आप भी तो नहीं रहते हैं बहुत परेशान? कहीं आपको ये डिसऑर्डर तो नहीं

Sun, 02 Jul 2023 07:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर की बनावट को लेकर परेशान करने वाली समस्या - फोटो : istock
क्या आप भी अपने शरीर की बनावट, आप कहीं खराब तो नहीं दिख रहे या लोग आपके लुक से आपको जज तो नहीं कर रहे हैं? इन बातों को लेकर परेशान रहते हैं? ऐसा सोचना बहुत असामान्य नहीं है, ज्यादातर लोग ऐसा सोच सकते हैं। पर यह असामान्य और चिंताजनक तब हो जाता है जब यही सोच बाध्यकारी रूप से आपको परेशान करने लगती है। यानी आप लोगों से मिलने में डरने लगते हैं, पार्टियों में नहीं जाना चाहते और ज्यादातर समय अपने शरीर की बनावट को लेकर ही परेशान रहते हैं। मेडिकल की भाषा में इस समस्या को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (बीडीडी) की समस्या कहा जाता है।

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर मानसिक स्वास्थ्य की समस्या है, इसमें आपके रूप-रंग से संबंधित विचार और भावनाएं आपको परेशान करने लगती हैं, इसका असर दैनिक जीवन के कार्यों और व्यवहार को भी प्रभावित करने लग जाती है। अगर आप भी इस तरह की समस्या के शिकार हैं तो तुरंत किसी मनोचिकित्सक से मिलकर इसका इलाज कराएं। 
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बॉडी डिस्मार्फिक डिसऑर्डर की समस्या को समझें - फोटो : istock
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के बारे में जानिए

हर किसी के शरीर की अपनी विशेषता और खास बनावट होती है। हालांकि जिन लोगों को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की दिक्कत होती है, उन्हें लगने लगता है कि उनके शरीर में बहुत सारी कमियां हैं। इस तरह की सोच आपको अक्सर उस कमी के बारे में सोचते रहने और इसे ठीक करने की कोशिश करते रहने के लिए मजबूर कर सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि इस समस्या का असर आपकी सोच को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
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मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : iStock
बीडीडी की समस्या क्यों होती है?

वैज्ञानिकों को यह विशेष रूप से ज्ञात नहीं है कि बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार का कारण क्या है? हालांकि माना जाता है कि कई अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों की तरह, बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार भी फैमिली हिस्ट्री, आपके शरीर या लुक के बारे में नकारात्मक मूल्यांकन या अनुभव और असामान्य मस्तिष्क कार्य या मस्तिष्क रसायन के असामान्य स्तर के कारण हो सकती है।

बीडीडी वाले रोगियों में अक्सर ओसीडी की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है, जो उन्हें अपनी बनावट को लेकर बार-बार सोचने पर मजबूर करती रहती है।

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शरीर की बनावट को लेकर तनाव - फोटो : istock
कैसे जाने कि आपको कहीं बीडीडी की दिक्कत तो नहीं?

बॉडी डिस्मॉर्फिक विकार के लक्षण की समय रहते पहचान करना जरूरी है। जिन लोगों में ये विकार होती है उनमें इससे संबंधित कई लक्षण हो सकते हैं।
  • शरीर में कथित दोष के बारे में अत्यधिक चिंतित होना जो आमतौर पर दूसरों को दिखाई नहीं देती है।
  • विश्वास बना लेना कि आपकी शक्ल-सूरत में कोई समस्या है जो आपको बदसूरत बनाती है।
  • यह विश्वास कि दूसरे लोग आपके बारे में नकारात्मक बातचीत करते हैं या आपका मजाक उड़ाते हैं।
  • बार-बार शीशा देखना करना, त्वचा को संवारने के लिए कोशिश करते रहना।
  • लगातार अपनी शक्ल-सूरत की दूसरों से तुलना करना।
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तनाव प्रबंधन और स्ट्रेस-डिप्रेशन - फोटो : iStock
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर को कैसे ठीक किया जाता है?

जिन लोगों को बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की समस्या होती है, उनके लक्षणों को ठीक करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार की थेरेपी को प्रयोग में ला सकते हैं। इसके अलावा साथ में होने वाली स्ट्रेस-डिप्रेशन या फिर ओसीडी जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए कुछ दवाइयों के सेवन की भी सलाह दी जा सकती है। रोगियों को लाइफस्टाइल को ठीक रखने, फिजिकल फिटनेस के लिए नियमित व्यायाम करने और शराब का सेवन न करने की भी सलाह दी जाती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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