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देशभर में गर्मी का कहर: लू से करें बचाव, लक्षण नजर आएं तो करें ये उपाय

Sat, 18 May 2024 10:57 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्मी के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : amarujala.com
देशभर में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को जारी पूर्वानुमान में कहा है कि 18-20 मई तक पंजाब और दिल्ली सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार तक पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार से सोमवार तक तापमान औसत 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है। देश के कई हिस्सों में "गंभीर लू की स्थिति" हो सकती है जिससे सेहत के लिए गंभीर समस्याओं को जोखिम बढ़ने का खतरा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती गर्मी हमारी सेहत को कई तरह से प्रभावित कर सकती है, कुछ लोगों में इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। विशेषतौर पर वृद्ध लोग और बच्चों को इस दौरान और भी सावधान रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि गर्मी के कारण किस प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं और इनसे सुरक्षित रहने के लिए क्या उपाय करने जरूरी हैं?
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बढ़ते तापमान के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
बढ़ते तापमान के हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव

डॉक्टर कहते हैं, बढ़ते तापमान को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है। ज्यादा देर तक गर्मी या धूप के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक, बेहोशी, चक्कर आने, लो ब्लड प्रेशर, हृदय गति में असमानता जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, हार्ट और ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही है, उनके लिए अधिक तापमान की स्थिति के कारण जटिलताओं के और भी बढ़ने का खतरा हो सकता है। 
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डायबिटीज की समस्या - फोटो : istock
डायबिटीज रोगी बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों में निर्जलीकरण होना सामान्य है और इससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज की समस्या आपकी रक्त वाहिकाओं-तंत्रिकाओं को भी नुकसान पहुंचाने लगती है, इनमें पसीने की ग्रंथियों की तंत्रिकाएं भी शामिल हैं। इन स्थितियों में हीटवेव की समस्या शरीर को ठंडा रखने के तंत्र को भी प्रभावित कर देती है।

डायबिटीज के ऐसे रोगी जिनको न्यूरोपैथी की दिक्कत (डायबिटीज न्यूरोपैथी) रही है उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।  

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हीट स्ट्रोक का खतरा - फोटो : istock
हीट स्ट्रोक का जोखिम

गर्मियों में हीटस्ट्रोक के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते हैं, ये शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण होता है। हीट स्ट्रोक में तेज सिरदर्द, भ्रम, मतली, चक्कर आने, शरीर का तापमान 103°से ऊपर होने, त्वचा लाल होने, चेतना की हानि जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कुछ स्थितियों में ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव की समस्या के कारण गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं।
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लू से करें बचाव - फोटो : istock
गर्मी-लू से बचाव के लिए क्या करें?

गर्मी और इसके कारण होने वाली समस्याओं से सुरक्षित रहने के लिए ये जानना जरूरी है कि आप क्या करें और क्या नहीं?

गर्मी से बचाव के लिए क्या करें?
  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पीते रहें। 
  • सूती और ढीले कपड़े पहनें। ये शरीर को ठंडा रखने में मददगार है।
  • पूरे कपड़े पहनें, हाथों को अच्छे से कवर करके रखें।
  • दोपहर के समय घर से अनावश्यक रूप से बाहर जानें से बचें।

क्या न करें?
  • गर्मी से बचाव के लिए बच्चों और जानवरों को गाड़ी में न छोड़ें।
  • दोपहर के समय बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधियों से बचें।
  • शराब- कार्बोनेट ड्रिंक्स के सेवन से बचा जाना चाहिए।
  • धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जाना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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