पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोविड-19 के कारण लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। हल्का बुखार, लगातार खांसी, थकान के साथ स्वाद-गंध न आने जैसे लक्षणों को भी इसका प्रमुख संकेत माना जाता रहा है। मेडिकल की भाषा में स्वाद और गंध न आने की स्थिति को 'एनोस्मिया' के नाम से जाना जाता है। कोरोना के दौरान एनोस्मिया के मामलों को काफी सामान्य माना जा रहा है, कुछ लोगों में संक्रमण की समस्या ठीक हो जाने के बाद भी लॉन्ग कोविड के रूप में यह दिक्कत देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, विशेषकर डेल्टा वैरिएंट से संक्रमितों में इस तरह की दिक्कत अधिक देखने को मिल रही थी, संक्रमण के साथ-साथ यह दिक्कत भी अमूमन ठीक हो जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कोविड-19 ही नहीं, कुछ अन्य स्थितियां भी ऐसी हैं जिसके कारण आपको गंध न आने का अनुभव हो सकता है। ऐसे में हर बार इसे कोरोना का संक्रमण मान लेना ही सही नहीं है। अन्य लक्षणों के साथ गंध न आने की समस्या संक्रमण का संकेत हो सकती है, पर सिर्फ गंध न आने की ही स्थिति में आपको चिकित्सक से संपर्क करके स्थिति का सही निदान करा लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोरोना के अलावा और किन स्थितियों में आपके गंध की क्षमता प्रभावित हो सकती है?