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दुखद: अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन, जानिए कम उम्र में क्यों पड़ता है दिल का दौरा?

Thu, 02 Sep 2021 01:23 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत - फोटो : Social media/ Instagram
बॉलीवुड अभिनेता और बिग-बॉस सीजन 13 के विजेता सिद्धार्थ शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। सिद्धार्थ की उम्र महज 40 साल की थी। इतनी कम उम्र में ही हार्ट अटैक के कारण हुई सिद्धार्थ शुक्ला की मौत चौंकाने वाली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कम उम्र में ही लोगों में इस तरह की समस्या होने का खतरा रहता है। क्या सिद्धार्थ शुक्ला को भी पहले से इस तरह की कोई दिक्कत थी? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। 
साल 2019 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए एक शोध में युवाओं में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों पर प्रकाश डाला गया। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में पिछले 10 साल में हार्ट अटैक के मामले दो फीसदी
तक बढ़े हुए देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पुरुषों में 65 जबकि महिलाओं में 72 वर्ष की आयु के बाद दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है, हालांकि जिस तरह से हाल के वर्षों में 40 से कम उम्र के लोगों में भी इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है वह काफी चिंताजनक है। आइए आगे की स्लाइडों में इसके खतरों के बारे में जानते हैं। 
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कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा कितना सामान्य है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 40 से कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने या अन्य हृदय रोगों के कारण मौत के मामले वैसे तो पहले बहुत ही कम थे, हालांकि हाल के कुछ वर्षों में इसमें इजाफा देखने को मिला है। सामान्यतौर पर शारीरिक गतिविधियों जैसे खेलने या व्याायाम आदि के दौरान हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसकी आशंका अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन वयस्कों को पहले से ही कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी बीमारियां होती है, उन लोगों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
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हार्ट अटैक का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : iStock
कम उम्र में हार्ट अटैक के क्या हो सकते हैं कारण?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक जीवनशैली की कई सारी  खराब आदतें कम उम्र में आपको हृदय रोगी बनी सकती हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान, युवाओं में हृदय रोग और हार्ट अटैक के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। धूम्रपान करने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका अन्य लोगों के मुकाबले आठ गुना तक अधिक हो सकती है। इसके अलावा युवाओं में तेजी से बढ़ रहे तनाव और अवसाद के मामलों को भी इसके एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में देखा जा रहा है। हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया और मोटापे की समस्या भी कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ा सकती है।

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हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानें (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
इस तरह के संकेतों को पहचानें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट अटैक के खतरे को पहचान कर इससे बचाव किया जा सकता है, इसके लिए कुछ लक्षणों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। यदि आपको भी इस तरह के लक्षणों का अनुभव होता हो तो सावधान हो जाएं। इस बारे में तुरंत किसी हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।
  • छाती या बाहों में दबाव, जकड़न या दर्द जो धीरे-धीरे गर्दन, जबड़े या पीठ तक पहुंच जाती हो।
  • मतली, अपच, सीने में जलन की समस्या का बना रहना
  • साँस लेने में दिक्कत
  • थकान और बहुत अधिक पसीना आना
  • बहुत अधिक चक्कर आना
हार्ट अटैक के यह लक्षण सभी लोगों में समान नहीं होते हैं। कुछ लोगों को छाती में हल्का दर्द जबकि कुछ को तेज दर्द हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ लोगों में पहले से इसके कोई भी लक्षण नजर न आएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपमें जितने अधिक लक्षण होंगे, दिल का दौरा पड़ने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है।
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हृदय को स्वस्थ रखने का करें प्रयास (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कम उम्र में हार्ट अटैक के खतरे से कैसे बचें?
डॉक्टर कहते हैं, हार्ट अटैक के खतरे से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है, बस आपको इसके लक्षणों और संभावित कारकों पर विशेष ध्यान रखने का आवश्यकता होती है। यदि आपको हृदय रोगों से संबंधित समस्या है या पहले हार्ट अटैक हो चुका है तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों को नियमित रूप से लेते रहें। दवाइयों के सेवन के साथ जीवनशैली का हृदय के स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव पड़ता है। स्वस्थ आहार का सेवन करने के साथ वजन को नियंत्रित रखने के प्रयास करते रहें। नियमित रूप से व्यायाम करें और तनाव जैसी स्थितियों से बचें। यदि आपको उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल या मधुमेह की समस्या है तो इसे नियंत्रित में रखने के उपाय करते रहें।


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नोट:
यह लेख अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा सुझाए गए उपायों के आधार पर  तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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