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जानना जरूरी: क्या लगातार मास्क पहनने से शरीर में बढ़ जाता है CO2 का स्तर? सीडीसी ने इस बारे में किया अलर्ट

Thu, 13 Jan 2022 03:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना से बचाव के लिए पहनें मास्क - फोटो : Pixabay
देशभर में पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2.47 लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा मई 2020 के बाद से सबसे अधिक है। पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर अब 13 फीसदी के ऊपर चली गई है। कोरोना के इस तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक लगातार लोगों से बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक मिल चुकी है, उन्हें भी बचाव के उपायों को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए अच्छे तरीके से और कसे हुए मास्क पहनकर रखना सभी लोगों के लिए आवश्यक है।

इस बीच सोशल मीडिया पर चल रही कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि लोगों को लगातार मास्क पहनकर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। क्या वास्तव में लंबे समय तक मास्क पहने रहने से इस तरह का खतरा हो सकता है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
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कितना सुरक्षित है मास्क पहनना - फोटो : pixabay
वायरल हो रहा है यह वीडियो
सोशल मीडिया पर इसी से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें झारखंड के जामताड़ा के कांग्रेस विधायक, जो एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं, कहते दिख रहे हैं कि लंबे समय तक मास्क पहने रहने से शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है।  यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। इस वीडियो के बाद से लोगों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि क्या लगातार मास्क पहने रहना नुकसानदायक हो सकता है? आइए इस बारे में डॉक्टर्स से जानते हैं।
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कोरोना से सुरक्षित रखता है मास्क - फोटो : Pixabay
मास्क को लेकर क्या है विशेषज्ञ की राय?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विवेक सहाय कहते हैं, कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहने के लिए मास्क पहनना सबसे बेहतरीन उपायों में से एक माना जाता रहा है। मास्क पहनने से सांस लेने में कोई समस्या नहीं आती है, बल्कि यह छींकने-खांसने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स को बाहर जाने या फिर सांस के माध्यम से वायरस के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का सबसे अच्छा साधन माना जाता है। चूंकि यह सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता है ऐसे में इससे शरीर में कार्बन-डाई ऑक्साइड बढ़ने जैसा खतरा होना, महज एक अपवाह है, लोगों को इसपर ध्यान नहीं देना चाहिए।

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मास्क पहनना सभी के लिए जरूरी - फोटो : Pixabay
सीडीसी ने कहा- अफवाहों में न आएं
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि मास्क पहनने से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) बढ़ने जैसी बात बिल्कुल गलत है। लोगों को इस तरह के अफवाहों के चक्कर में नहीं आना चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना बहुत आवश्यक है, इसकी क्वालिटी और फिटिंग पर भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्लॉथ मास्क और सर्जिकल मास्क की तुलना में एन-95 मास्क को ज्यादा कारगर माना जाता है, यह वायरस के प्रवेश को रोकने में ज्यादा असरदार हो सकता है। इसके अलावा कई अध्ययनों में लोगों को डबल मास्किंग की भी सलाह दी जाती रही है। 
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चेहरे को कवर करने वाला मास्क पहनें - फोटो : Pixabay
मास्क की फिटिंग का रखें खास ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क पहनने के समय सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह चेहरे पर अच्छी तरह से फिट हो और नाक-मुंह को अच्छे से कवर करता हो। नाक या मुंह से नीचे मास्क पहनने का कोई मतलब नहीं है। जिन इलाकों में कोरोना के मामले ज्यादा हैं या यदि आप स्वयं कोरोना से संक्रमित हैं तो एन-95 मास्क या डबल मास्किंग को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।


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स्रोत और संदर्भ
Your Guide to Masks

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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