फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैक्ट चेक: क्या देश में आ गई कोरोना की तीसरी लहर, पीएम ने दिए सख्त लॉकडाउन के आदेश? जानें सच्चाई

Sat, 24 Jul 2021 05:23 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर वायरल खबर - फोटो : ANI
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर देश में हर तरफ चर्चा की जा रही है। तीसरी लहर कब आएगी और यह कितनी गंभीर होगी, ऐसे सवाल आपके मन में भी जरूर होंगे। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि संभावित तीसरी लहर बच्चों के लिए काफी मुश्किलों से भरी हो सकती है क्योंकि देश में अब तक 18 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टीके उपलब्ध नहीं हैं। वहीं तीसरी लहर को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां भी इस इस वक्त तेजी से फैल रही हैं। 
इन्हीं खबरों के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने की सूचना देते हुए लोगों को सचेत रहने को कहा है। यह संदेश सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। तो क्या सच में देश में तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है? क्या प्रधानमंत्री की तरफ से वास्तव में इस तरह का कोई ऐलान किया गया है? आइए इसकी पड़ताल करते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने का सोशल मीडिया पर दावा - फोटो : iStock
क्या है वायरल संदेश?
सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे संदेश में कहा जा रहा है कि पूरे देश में फिर से लॉकडाउन लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत का ऐलान करते हुए सभी लोगों को खासा सचेत रहने को कहा है। देश में 1 से 31 जुलाई तक सख्त लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया गया है, जिससे तीसरी लहर को तेजी से बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।
विज्ञापन

3 of 5
जानिए पीआईबी फैक्ट चेक - फोटो : social media
क्या वास्तव में ऐसा ऐलान किया गया है?
इस खबर की पड़ताल करते हुए हमने हाल के दिनों में दिए गए तमाम सरकारी आदेशों की छानबीन की। इस बीच हमारी नजर पीआईबी के फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल पर पड़ी। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है, 'एक फर्जी तस्वीर में पीएम मोदी के हवाले से कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने व लॉकडाउन लगाने का दावा किया गया है। हालांकि पीएम द्वारा ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है, न ही देश में 1 से 31 जुलाई तक सख्त लॉकडाउन लगाने जैसा कोई आदेश दिया गया है। कृपया ऐसे भ्रामक संदेशों को साझा न करें। कोरोना से बचाव के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार अवश्य अपनाएं।

4 of 5
कोरोना की तीसरी लहर का संकेत - फोटो : PIB
तीसरी लहर को लेकर क्या अपडेट है?
देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चर्चा का बाजार निश्चित ही गर्म है। हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महामारी विशेषज्ञ डॉ समीरन पांडा ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर, दूसरी जितनी गंभीर नहीं होगी। लोगों को इससे बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि बचाव के उपायों को अपनाने में भी कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। डॉ समीरन ने यह भी कहा है कि तीसरी लहर इतनी जल्दी आने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेल्टा प्लस वैरिएंट बना बड़ा खतरा - फोटो : iStock
डेल्टा प्लस वैरिएंट को माना जा रहा है खतरे का संकेत
भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वैरिएंट को मुख्य कारण माना गया था। इस वेरिएंट में म्यूटेशन के साथ सामने आए 'डेल्टा प्लस वैरिएंट' को विशेषज्ञ और भी खतरनाक मान रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगर कहते हैं, संभावित तीसरी लहर के लिए डेल्टा प्लस वैरिएंट को कारक के रूप में देखा जा सकता है। कई राज्यों में इससे संबंधित मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसे तीसरी लहर के दस्तक के रूप में लेकर लोगों को अलर्ट होने की जरूरत है। बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर ही इससे सुरक्षित रहा जा सकता है।

----------------------
नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है। कृप्या सोशल मीडिया पर बिना आधार के वायरल खबरों पर भरोसा न करें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें