Coronavirus Vaccine
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अध्ययन के मुताबिक, इस वैक्सीन का मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर काफी हद तक एक वायरस की नकल करता है, जिसकी वजह से वैक्सीन की इम्यून रेस्पांस ट्रिगर करने की क्षमता बढ़ गई है। इस अध्ययन के सह-लेखक नील किंग ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हमारे नैनो पार्टिकल प्लेटफॉर्म से इस महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी।" इस वैक्सीन का लाइसेंस यूनिवर्सिटी बिना किसी शुल्क के देने को तैयार है। वैक्सीन कब तक आएगी, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। इस वैक्सीन को कई तरह के परीक्षणों से गुजरना बाकी है।