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Omicron Variant: इन देशों में सामने आए 'खतरनाक स्ट्रेन' BA.2 के मामले, भारत में BA.1 बना चिंता का कारण

Sat, 15 Jan 2022 02:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Pixabay
कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट फिलहाल दुनियाभर के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बना हुआ है। भारत के संदर्भ में बात करें तो इस वेरिएंट के कारण रोजाना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे की बात करें तो देश में कोरोना के 2.68 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, वहीं ओमिक्रॉन से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर अब 6 हजार के पार चला गया है। अध्ययनों में ओमिक्रॉन के संक्रमण को काफी हल्का माना जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस खतरे से लगातार बचाव करते रहने की अपील कर रहे हैं।

दुनियाभर में ओमिक्रॉन के जारी कहर के बीच यूके में इस वेरिएंट के उपवंश BA.2 के बारे में पता चला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस उपवंश में कई ऐसे बदलाव हैं जो इसकी संक्रामकता को बढ़ा सकते हैं, इसको ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार नए मामलों पर नजर बनाए हुए हैं। अध्ययनों में ओमिक्रॉन के तीन उपवंश  BA 1, BA.2 और BA.3 के बारे में पता चलता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि BA.2 उपवंश की प्रकृति किस तरह की मानी जा रही है और क्या यह और बड़ा खतरा बन सकता है?
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ओमिक्रॉन के बढ़ रहे हैं उपवंश के मामले - फोटो : Pixabay
यूके में सामने आए कोरोना के उपवंश के केस
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि सैंपल की जांच के दौरान BA.2 उप-वंश के 53 मामले सामने आए हैं, हालांकि इसमें किसी विशिष्ट म्यूटेशन के बारे में फिलहाल नहीं पता चला है। मामलों की एहतियातन नजरिए से बारीकी से जांच की जा रही है। यूके से पहले  इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को देश में ओमिक्रॉन के उप-वंश के कई मामलों की घोषणा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक देश में कम से कम 20 ऐसे संक्रमितों की पहचान की गई है।
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ओमिक्रॉन के नए स्ट्रेनों ने बढ़ाई मुसीबत - फोटो : Pixabay
इजराइल में भी रिपोर्ट किए गए BA.2 के मामले
द टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे को पहले ही कई देशों में  BA.2 उप-वंश की पहचान की जा चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इसमें ओमिक्रॉन के मूल से परे अतिरिक्त म्यूटेशन हो सकते हैं। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि यह ओमिक्रॉन के मूल वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है या नहीं? चूंकि इसमें अलग तरह के म्यूटेशन हो सकते हैं तो संभव है कि इसकी संक्रामता दर भी अधिक हो। 

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कोरोना वायरस मे हो रहा है म्यूटेशन - फोटो : Pixabay
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अबतक ओमिक्रॉन वेरिएंट (बी.1.1.529) के तीन उप-वंश  BA 1, BA.2 और BA.3 के बारे में पता चला है।  BA.1 और BA.3 के स्पाइक प्रोटीन में 69-70 विलोपन देखने को मिला है हालांकि BA.2 में इस तरह के मामले नहीं है। स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक चूंकि उप-वंश एक ही वायरस परिवार से संबंधित होते हैं, इसलिए सैंपल टेस्टिंग के दौरान सभी को ओमिक्रॉन पॉजिटिव ही मान लिया जाता है। एहतियात के तौर पर कोरोना से बचाव के उपायों को लगातार करते रहने की आवश्यकता है।
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कोरोना के नए वेरिएंट के मामले आ रहे हैं सामने - फोटो : PTI
भारत में सामने आ चुके हैं BA.1 के मामले
इससे पहले भारत में भी ओमिक्रॉन के उपवंश BA.1 के मामले सामने आ चुके हैं। डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोम कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया कि महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में इस उपवंश के मामले देखनें को मिले हैं, यह तेजी से बढ़ता हुआ डेल्टा की जगह लेता दिख रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि संभवत: इसकी संक्रामता दर, अन्य की तुलना में अधिक हो सकती है। सभी लोगों को विशेष सुरक्षा उपायों के पालन करते रहने की आवश्यकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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