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Diabetes: डायबिटीज की शिकार महिलाएं हो जाएं सावधान, जरा सी लापरवाही बन सकती है इस जानलेवा रोग का कारण

Fri, 05 Jul 2024 04:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज की समस्या - फोटो : istock
मधुमेह को साइलेंट किलर बीमारियों के रूप में जाना जाता है, जिन लोगों को डायबिटीज की दिक्कत होती है उनमें कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के बढ़ने का खतरा हो सकता है। अनियंत्रित ब्लड शुगर की स्थिति समय के साथ आंखों से लेकर किडनी, तंत्रिकाओं से संबंधित जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम
बढ़ाने वाली मानी जाती है।

हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि डायबिटीज वाले लोगों में समय के साथ हृदय रोग होने का भी खतरा अधिक हो सकता है। विशेषतौर पर डायबिटिक महिलाओं में ये जोखिम और अधिक देखा जा रहा है।  इसी से संबंधित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं सचेत किया है कि पुरुषों की तुलना में डायबिटीज की शिकार महिलाओं में हृदय रोगों के विकसित होने और इसके जटिल रूप लेने का खतरा 12 फीसदी तक अधिक हो सकता है।

डायबिटीज यूके प्रोफेशनल कॉन्फ्रेंस (डीयूकेपीसी) में प्रस्तुत अध्ययन के निष्कर्ष में कहा गया है, टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं में बिना डायबिटीज वालों की तुलना में हृदय संबंधी जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम 20 फीसदी अधिक हो सकता है। जो लोग डायबिटीज के शिकार हैं उन्हें हृदय की सेहत का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए।
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हृदय की समस्या - फोटो : istock
डायबिटीज रोगियों में हृदय की समस्याओं का जोखिम

डायबिटीज किस तरह से हृदय रोगों का कारण बनता है, पहले इसे समझना जरूरी है।

डॉक्टर बताते हैं, समय के साथ बढ़ा हुआ शुगर का लेवल कई अंगों के साथ-साथ रक्त वाहिकाओं और आपके दिल को नियंत्रित करने वाली नसों को भी नुकसान पहुंचाने लगता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के शिकार लोग, जिनमें नसें कमजोर हो जाती हैं, उनमें इस प्रकार का खतरा और अधिक हो सकता है। नसों की कमजोरी की स्थिति में, रक्तचाप बढ़ने पर धमनी की दीवारों को नुकसान पहुंच सकता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी वालों में साइलेंट हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।
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अधिक वजन वाली महिलाओं में खतरा - फोटो : istock
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?

मैनचेस्टर रॉयल इन्फर्मरी में प्रोफेसर मार्टिन रटर अध्ययन की रिपोर्ट में कहते हैं, यह भी देखा गया है कि टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं में इस रोग वाले पुरुषों की तुलना में अधिक वजन होने का जोखिम भी ज्यादा होता है। अध्ययन में शामिल औसतन महिलाएं, पुरुषों की तुलना में अधिक वजन वाली थीं।

मधुमेह के साथ मोटापा होना आपकी जटिलताओं को और भी बढ़ाने वाला हो सकता है। मोटापे के कारण उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का जोखिम भी बढ़ने लगता है, जो समय के साथ हृदय की सेहत को नुकसान पहुंचाने लगती हैं।

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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
महिलाओं को दिल की बीमारी

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार महिलाओं को दिल की बीमारियों के लिए ज्यादा एग्रेसिव इलाज नहीं दिया जाना चाहिए। कई महिलाओं में कार्डियक प्रक्रियाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस आधार पर अध्ययन में कहा गया है कि टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं को लिपिड कम करने वाली दवा और एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम इनहैविटर्स दिए जाने की भी कम सलाह दी जाती है। ऐसी स्थिति में हृदय रोगों को अलग तरीकों से मैनेज करने की आवश्यकता होती है।
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डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

अध्ययन के निष्कर्ष में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को डायबिटीज और हृदय रोग दोनों से बचाव करते रहने की सलाह दी जाती है। यदि आप डायबिटीज के शिकार हैं तो अपने हृदय की सेहत का भी गंभीरता से ख्याल रखें। मधुमेह की फैमिली हिस्ट्री वाले, अधिक वजन-मोटापे के शिकार, निष्क्रिय जीवनशैली भी आपकी जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखकर हृदय रोग-डायबिटीज दोनों से बचाव किया जा सकता है। 


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स्रोत और संदर्भ
Type 2 diabetes in women linked to cardiovascular disease


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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