एचजीएच (Human Growth Harmone) व्यक्ति के शरीर में लंबाई बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देते है। ये ह्यूमन ग्रोथ हार्मोंस व्यक्ति की पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलते हैं, जिनसे हमारी लंबाई बढ़ती है। इसके अलावा कुछ अन्य कारक भी हैं, जो व्यक्ति की लंबाई को निर्धारित करते हैं जैसे जेनेटिक कारक, आहार में कमी और खराब जीवनशैली आदि।
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- फोटो : Getty Images
इंपीरियल कॉलेज (लंदन) के साइंसटिस्ट जेम्स बेंथम का मानना है कि लोगों की लंबाई के लिए जलवायु के साथ अच्छे पोषक तत्व, स्वच्छ पानी, बचपन में संक्रमण से बचाव और प्रसव काल के दौरान मां का स्वास्थ्य आदि काफी महत्व रखता है। इन चीजों में भारत थोड़ा पीछे है, जिसके कारण यहां के लोग ज्यादा लंबे नहीं होते। अर्थात् यहां पोषण का स्तर कम और बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता कम है।
कई बार तो सही प्रोटीन और पोषण न मिलने की वजह से भी हमारे शरीर का विकास होना बंद या कम हो जाता है। आनुवांशिकता की भूमिका पर बेंथम का मानना है कि कद से संबंधित लगभग 200 जीन होते हैं, मगर किसी व्यस्क के कद में इनका कुल योगदान लगभग 10 फीसदी ही होता है।
डॉ. शुक्ला कहते हैं कि हमारी हाइट एक निश्चित उम्र तक ही बढ़ती है और उसके बाद यह प्रक्रिया रुक जाती है। लड़कियों में लंबाई 18 साल और पुरुषों की लंबाई 20 साल तक बढ़ती है। हमारे शरीर में लंबाई बढ़ाने का सबसे बड़ा योगदान होता है एचजीएच यानी ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन्स का। जब तक आपके शरीर में ग्रोथ प्लेट बननी बंद नहीं होती, तब तक आपकी लंबाई बढ़ने की पूरी संभावना होती है, लेकिन एक बार जब यह ग्रोथ प्लेट बंद हो जाती है, तो व्यक्ति की लंबाई बढ़नी भी रुक जाती है।