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थायरॉयड टेस्ट रिपोर्ट में TSH का क्या मतलब?
- टीएसएच टेस्ट खून में थायरॉयड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन के स्तर को मापता है। दरअसल, थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम कर रही है या नहीं, यह पता करने के लिए टीएसएच टेस्ट कराया जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आपका टीएसएच का स्तर 2.0 से अधिक है, तो हाइपरथायरॉयडिज्म बढ़ने का खतरा रहता है, जबकि टीएसएच का कम स्तर अतिसक्रिय थायरॉयड को दर्शाता है। दरअसल, इसका मतलब ये होता है कि शरीर में आयोडीन का स्तर बढ़ गया है।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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