मौजूदा समय में कोरोना और ब्लैक फंगस जैसे गंभीर संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोग अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के प्रयास में लगे हुए हैं। कोई विटामिन की गोलियां खा रहा है तो कोई दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के प्रयासों में लगा हुआ है। पर क्या इतना पर्याप्त है? आहार और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए हमें क्या खाना चाहिए इस पर ध्यान केंद्रित करते हुए हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि हमें किन चीजों से परहेज करना चाहिए? हम जाने-अनजाने रोजाना कई ऐसी चीजें खाते हैं जो धीरे-धीरे हमारी इम्यूनिटी को कमजोर करती जाती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे ही पांच सामान्य खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे हमें सख्त परहेज करना चाहिए। हम सभी दैनिक जीवन में इन चीजों का सेवन तो करते हैं लेकिन इनसे होने वाले नुकसान से अनजान रहते हैं।
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खाने में नमक की मात्रा घटाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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नमक का ज्यादा सेवन
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक खाने के स्वाद को बढ़ाने में नमक बहुत आवश्यक भूमिका निभाता है लेकिन इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल कई तरह से शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। नमक प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज को बाधित करने के साथ, एंटी-इंफ्लामेटरी प्रतिक्रिया को दबाने और आंत के बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए दैनिक आहार में नमक की मात्रा को सीमित करना बहुत जरूरी है। पैकेज्ड चिप्स, बेकरी आइटम और फ्रोजन डिनर में नमक का मात्रा अधिक हो सकती है। शरीर में नमक की मात्रा अधिक हो जाने के कारण सूजन और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ा जाता है।
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तले हुए भोजन का सेवन कम करें
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तले हुए भोजन
तले हुए खाद्य पदार्थों में एडवांस ग्लाइकेशन एन्ड प्रोडेक्ट्स (एजीई) की मात्रा अधिक होती है। एजीई का स्तर अधिक होने से सूजन और सेलुलर डैमेज की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। शरीर के एंटीऑक्सीडेंट तंत्र को कम करने के साथ, सेलुलर डिसफंक्शन और आंत बैक्टीरिया को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हुए यह शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर देती है। शरीर में एजीई के स्तर को कम करने के लिए तले हुए भोजन का सेवन कम से कम करें।
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ज्यादा चीनी के नुकसान
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चीनी का ज्यादा सेवन
विशेषज्ञों के मुताबिक चीनी का ज्यादा सेवन कई तरह से शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा देते हैं जिससे शरीर में ट्यूमर नेक्रोसिस अल्फा, सी-रिएक्टिव प्रोटीन और इंटरल्यूकिन-6 जैसे इंफ्लामेटरी प्रोटीन का उत्पादन बढ़ा जाता है। ये सभी प्रतिरक्षा प्रणाली को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाने से आंत में मौजूद बैक्टीरिया का कार्य भी प्रभावित हो सकता है, जिसका इम्यूनिटी पर नकारात्मक असर देखा जा सकता है।
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कॉफी का बहुत ज्यादा सेवन की तरह से हानिकारक
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बहुत ज्यादा कॉफी पीना
कॉफी और चाय में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिनसे शरीर को लाभ मिल सकता है, हालांकि बहुत अधिक कैफीन का सेवन नींद संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकता है। जिसके परिणामस्वरूप इंफ्लीमेशन की प्रतिक्रिया बढ़ सकती है और शरीर की इम्यूनिटी पर इसका असर देखा जा सकता है। रात को अच्छी नींद पाने के लिए सोने से छह घंटे पहले चाय/कॉफी का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
शराब और धूम्रपान
अध्ययनों से पता चलता है कि शराब का ज्यादा सेवन (महिलाओं के लिए प्रति दिन एक पेय, पुरुषों के लिए प्रति दिन दो पेय से अधिक) शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते निमोनिया और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे ही धूम्रपान करने से फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचता है, यह इम्यूनिटी को भी कमजोर करती है।
-------------------------- नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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