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विशेषज्ञ ने बताया: संक्रमण घटने से क्या कोरोना का खतरा खत्म हो रहा है? जानिए ऐसे ही आठ सवालों के जवाब

Thu, 10 Jun 2021 01:59 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
देश में कोरोना का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन संक्रमण के मामले कम जरूर हुए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना के 94,052 नए मामले सामने आए हैं, लेकिन इस दौरान मौत के आंकड़ों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के कारण छह हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। चूंकि कई राज्यों में कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अनलॉक के बाद एक बार फिर लोगों की लापरवाही बढ़ने लगी है। दिल्ली, मुंबई समेत कई राज्यों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञ कहते हैं कि लोगों की लापरवाही आने वाले समय में बेहद ही खतरनाक साबित हो सकती है और एक बार फिर संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि अनलॉक में लोगों को कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी है और साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अनलॉक में लोगों को क्या संदेश है? 
  • नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'जब तक हमारे देश में वैक्सीन 70-80 प्रतिशत लोगों को नहीं लग जाती है, तक तब चौकन्ना रहना है। खुद लगवाने के बाद भी मास्क लगाकर रखना है। वायरस कहीं गया नहीं है, हमारे आस-पास ही है। इसके अलावा अभी पार्टी न करें, भीड़ में न जाएं, बंद जगह पर कई लोग न बैठें या जाएं, तभी तीसरी लहर को आने से रोक सकते हैं। साथ ही कोई भी वैक्सीन जल्द से जल्द लगवाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर कोरोना हो गया है, तो पहली डोज कब लगवानी है? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'कोरोना होने के तीन महीने बाद वैक्सीन लगवानी है, क्योंकि कोरोना से ठीक होने के बाद उनमें इम्यूनिटी बनी रहती है। उसके तीन महीने बाद वैक्सीन लगवाने से इम्यूनिटी और आगे के लिए बढ़ जाएगी। लेकिन इस बीच मास्क लगा कर रखना है। सभी कोविड नियमों का पालन करें।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या वैक्सीन लगवा चुकी मां बच्चे को दूध पिला सकती हैं? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'बिल्कुल, वैक्सीन लगवाने से पहले या तुरंत बाद, कभी भी बच्चे को दूध पिला सकती हैं। इससे कोई नुकसान नहीं है, न ही बच्चे को और न ही मां को। अफवाहों पर न जाएं, बच्चे का आहार है मां का दूध, उसे जरूर दें।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या गर्भवती महिलाएं वैक्सीन लगवा सकती हैं? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'अभी हमारे पास जो भी वैक्सीन हैं, उनका गर्भवती महिलाओं पर कोई ट्रायल नहीं हुआ है। हम अभी वैक्सीन उन्हीं लोगों को दे रहे हैं, जिनमें सेफ्टी (सुरक्षा) को लेकर आश्वस्त हैं। अभी हमारे वैज्ञानिक इसपर नजर बनाए हुए हैं और आने वाले समय में जल्द ही इसपर साफ हो जाएगा। तब तक धैर्य बनाए रखें।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों के लिए वैक्सीन में भारत की क्या स्थिति है? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'कई देशों ने 15 साल तक के बच्चों में वैक्सीनेशन शुरू कर दिया है, लेकिन ये उन लोगों ने किया है, जहां 18+ वालों को बड़ी संख्या में वैक्सीनेट कर चुके हैं। इसकी वजह ये है कि जब बच्चों में संक्रमण होता है तो उसे गंभीरता काफी कम होती है। बच्चों को अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन बहुत कम। अब जब हम वैक्सीन देने की शुरुआत करते हैं, तो एक दिन में या कुछ दिन में वैक्सीन नहीं लग जाती है। इसके लिए समूह में लगाई जाती है। पहले ऐसे लोग जिन्हें ज्यादा संक्रमण का खतरा होता है। इस तरह प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जा रही है। अब 18 साल के लोगों को लग रही है। जब इस समूह को लग जाएगी, तो बच्चों की ओर बढ़ेंगे, तब तक बच्चों में खतरा और कम हो जाएगा, क्योंकि उनके आसपास के लोग वैक्सीनेट हो चुके होंगे। इसके अलावा ग्रोइंग बच्चों को वैक्सीन देना है, इसलिए उनके लिए वैक्सीन में काफी एहतियात रखना है। इसे लेकर देश में दो वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डबल मास्क लगाने पर कितना सुरक्षित रह सकते हैं? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'मास्क कई तरह के हैं और इन सभी की वायरस से बचाव करने की ताकत एक जैसी नहीं है। घर में बने कॉटन के कपड़े के मास्क, सिंगल या डबल लेयर्ड मास्क हमें थोड़ा बचाते हैं। सर्जिकल मास्क नीले या हरे रंग का होता है, वो ट्रिपल लेयर होता है और ज्यादा सुरक्षित रखता है। अब आता है एन-95 मास्क, जो उससे भी अधिक सुरक्षित रखता है। अब अगर कपड़े का मास्क लगा रहे हैं, तो एक सर्जिकल मास्क भी लगा लें। कपड़े का मास्क भी धुला हुआ हो, साफ हो। अन-95 अपने आप में पर्याप्त है। लेकिन अगर स्वास्थ्यकर्मी ऐसी जगह जा रहे हैं, जहां कोरोना केस ज्यादा हैं तो एक और सर्जिकल मास्क लगा लें। कहने का मतलब ये है कि हमें लेयर बढ़ानी है, अगर कपड़े के भी दो मास्क लगा लेते हैं, तो भी सुरक्षित रहेंगे।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
संक्रमण घटने से क्या कोरोना का खतरा खत्म हो रहा है? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'देश के लगभग सभी राज्यों और शहरों में अनलॉक हो रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि जो प्रतिबंध लगाए गए, उसके बाद केस कम हुए हैं। वायरस की चेन टूटी है। लोग घर से बाहर नहीं जा रहे थे, एक दूसरे से मिलने नहीं जा रहे थे। इसलिए ही केस कम हुए हैं, वायरस कहीं नहीं गया है, इस बात को याद रखना है। अब हमें पता है कि सभी को सावधानी पता है, इसलिए अनलॉक हो रहा है। अभी भी इसी सीख के साथ आगे बढ़ना है, मास्क लगाना है, एक दूसरे से मिलने नहीं जाना है। भीड़ में न जाएं। बंद जगह नहीं जाएंगे तो केस ऐसे ही नीचे रहेंगे। लेकिन अगर पहले वाली गलती की तो फिर वहीं स्थिति होगी। इस बात को याद रखें कि केस हमारी वजह से ही कम हो रहे हैं और हमारी वजह से ही बढ़ते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना इलाज की गाइडलाइंस में बदलाव किया गया है, वो क्या है? 
  • डॉ. वी. के. पॉल कहते हैं, 'बीमारी से संबंधित, जैसे-जैसे जानकारी बढ़ती है, विज्ञान के जरिये नई बातें पता चलती हैं, उसके अनुसार उपचार किया जाता है। इसलिए गाइडलाइन बदलती रहती है। अब बुखार आता है तो पैरासिटामोल ले सकते हैं, पानी खूब पीएं, ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें। इस बीच कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें। चूंकि कई लोग ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि कोमोरबिडिटी वाले लोग होते हैं, ऐसे में कोई भी दवा लेने और जानकारी लेने में मदद मिलेगी। अस्पताल नहीं जा रहे हैं तो फोन के जरिये या वीडियो कॉल के जरिये संपर्क में रहें।' 
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