मौजूदा समय में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही हैं। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद से इन मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। संक्रमण ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरीकों से मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। यही कारण है कि पिछले दो साल में कम उम्र के लोग भी तेजी से चिंता-तनाव और अवसाद जैसे मानसिक विकारों का शिकार होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को इस बारे में विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर रहना बहुत आवश्यक माना जाता है।
ऑफिस में काम का दबाव, सामाजिक-पारिवारिक, कई तरह की समस्याएं तनाव का कारण बन सकती हैं। अगर समय रहते इनपर ध्यान न दिया जाए तो इससे डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि तनाव के लक्षणों का बड़ी गंभीरता से ध्यान रखना आवश्यक है, जिससे समय रहते स्थिति का निदान और उपचार किया जा सके। आइए आगे विस्तार से समझते हैं कि किन लक्षणों का बने रहना, तनाव विकार की ओर संकेत हो सकता है, जिसपर शीघ्रता से ध्यान देना बहुत आवश्यक माना जाता है।