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सावधान: ऐसे लक्षणों का मतलब आपमें बढ़ रही है तनाव की समस्या, तुरंत करें ये उपाय वरना हो सकता है डिप्रेशन

Sat, 16 Apr 2022 04:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोगों में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Pixabay
मौजूदा समय में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही हैं। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद से इन मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। संक्रमण ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरीकों से मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। यही कारण है कि पिछले दो साल में कम उम्र के लोग भी तेजी से चिंता-तनाव और अवसाद जैसे मानसिक विकारों का शिकार होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को इस बारे में विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर रहना बहुत आवश्यक माना जाता है।

ऑफिस में काम का दबाव, सामाजिक-पारिवारिक, कई तरह की समस्याएं तनाव का कारण बन सकती हैं। अगर समय रहते इनपर ध्यान न दिया जाए तो इससे डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि तनाव के लक्षणों का बड़ी गंभीरता से ध्यान रखना आवश्यक है, जिससे समय रहते स्थिति का निदान और उपचार किया जा सके। आइए आगे विस्तार से समझते हैं कि किन लक्षणों का बने रहना, तनाव विकार की ओर संकेत हो सकता है, जिसपर शीघ्रता से ध्यान देना बहुत आवश्यक माना जाता है।
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तनाव विकारों की समस्या - फोटो : Pixabay
तनाव क्या है?

सरल शब्दों में समझें तो तनाव एक सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया है, जो किसी को भी हो सकती है। जब आप कुछ प्रकार के आवांछित परिवर्तन या जीवन में चुनौतियों का अनुभव करते हैं, तो आपका शरीर शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करता है, यह स्थिति तनाव का कारण बनती है।

नाव प्रतिक्रियाएं आपके शरीर को नई परिस्थितियों में समायोजित करने में मदद करती हैं। तनाव सकारात्मक हो सकता है, हमें सतर्क, प्रेरित और खतरे से बचने के लिए तैयार रखता है। हालांकि अगर यह दिक्कत आपके मानसिक स्वास्थ्य पर हावी होने लगे तो इस बारे में सावधान हो जाना चाहिए। 
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तनाव के कारण हो सकती हैं कई तरह की दिक्कतें - फोटो : Pixabay
तनाव की समय पर पहचान जरूरी

अक्सर घबाराहट और चिंतित रहना, सोच का अत्याधिक नकारात्मक हो जाना, कुछ भी अच्छा न लगना, काम में मन न लगना तनाव का संकेत माना जाता है। इसके कई प्रकार के शारीरिक, भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षण विकसित हो सकते हैं।
  • शरीर में दर्द होना।
  • सीने में दर्द होना या ऐसा महसूस होना जैसे आपका दिल बहुत तेजी से धड़क रहा हो।
  • थकावट या सोने में परेशानी महसूस होना।
  • सिरदर्द, चक्कर आना या कंपकंपी की दिक्कत।
  • अक्सर उच्च रक्त चाप की समस्या बने रहना।
  • मांसपेशियों में तनाव या अकड़न महसूस होना।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना।

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डिप्रेशन के खतरे को समझिए - फोटो : Pixabay
किन्हें अधिक खतरा होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो तनाव हम सभी के जीवन में कभी न कभी होता है, इसमें कुछ असामान्य नहीं है, हालांकि यदि इसके कारण आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने लगे तो अलर्ट हो जाना चाहिए। कुछ स्थितियों या कुछ लोगों में तनाव विकार का खतरा अधिक होता है।
  • बहुत अधिक या बहुत बार शराब पीना या जुआ की आदत।
  • सेक्स, शॉपिंग या इंटरनेट ब्राउजिंग का एक सीमा से अधिक होना।
  • रिलेशनशिप, ऑफिस या परिवार में चल रही समस्याओं का असर।
  • ड्रग्स या धूम्रपान अधिक करना। 
  • शारीरिक निष्क्रियता या मन को शांत रखने वाले अभ्यास न करने की आदत।
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तनाव से कैसे राहत पाएं? - फोटो : Pixabay
तनाव से राहत कैसे पाएं?

सामान्य स्थितियों में कुछ आसान से उपाय करके तनाव के स्तर को कम किया जा सकता है। रोजाना व्यायाम और पौष्टिक आहार के सेवन की आदत आपको तनाव की समस्या से सुरक्षित रखने में मदद करती है।
  • जब आप तनाव के लक्षण महसूस करें तो व्यायाम करें। यहां तक कि एक छोटी सी वॉक भी आपके मूड को अच्छा कर सकती है।
  • दिन के अंत में यह सोचने के लिए कुछ समय निकालें कि आपने आज क्या हासिल किया और अगले दिन का लक्ष्य बनाएं।
  • लोगों से मिलें-बातें करें, खेलें, यह आदतें तनाव को कम करती हैं।
  • तनाव अधिक महसूस होने पर पानी पिएं, इससे लक्षणों को कम किया जा सकता है।
  • अच्छे और उत्साहवर्धक संगीत सुनने से भी मूड अच्छा होता है।


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स्रोत और संदर्भ
Stress is a normal reaction

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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