वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रहे हैं। चीन और ब्रिटेन सहित कई देशों में नए मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारत में भी स्थिति पिछले कुछ दिनों से बिगड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों में बच्चों में तेजी से रिपोर्ट किए गए संक्रमण के मामले डराने वाले हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में नए एक्सई वैरिएंट के मामलों को लेकर चेतावनी जारी करते हुए इसे अब तक का सबसे संक्रामक रूप बताया था, भारत में भी इस वैरिएंट की एंट्री हो चुकी है। मसलन एक बार फिर से दुनियाभर में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, वह बड़ी मुश्किलों की ओर इशारा हो सकते हैं।
इस बीच फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने एक ऐसे टेस्टिंग डिवाइस के उपयोग को आपातकालीन मंजूरी दे दी है, जिससे सांस की मदद से कोरोना संक्रमण की पुष्टि की जा सकेगी। यद दुनिया की पहली ऐसी डिवाइस है जो सांस के सैंपल से कोविड-19 का पता लगाने में मदद कर सकती है। बढ़ते कोरोना संकट के बीच इसे बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे आसानी और सटीकता के साथ कोरोना की जांच की जा सकेगी। आइए इस डिवाइस के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।