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Heart Problems: हार्ट अटैक से पहले शरीर में होने लगती हैं ऐसी समस्याएं, इन लक्षणों पर ध्यान देकर कर सकते हैं बचाव

Thu, 12 May 2022 05:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक के खतरे को पहचानिए - फोटो : istock
वर्षों से हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता रहा है। हालांकि पिछले एक दशक में बिगड़ती जीवनशैली की आदतों और आहार में गड़बड़ी के कारण कम उम्र के लोग भी इस गंभीर समस्या के तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। हृदय रोगों पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो गंभीर स्थितियों में यह हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकती है। हार्ट अटैक एक आपातकालीन स्थिति है, जिसमें समय पर उपचार न मिल पाने की स्थिति में मृत्य भी हो सकती है। 

हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाने के कारण हार्ट अटैक होता है। खून में यह रुकावट कई कारणों जैसे वसा, कोलेस्ट्रॉल आदि की अधिकता की वजह से हो सकती है। यह पदार्थ धमनियों में एकत्रित होने लगते हैं जिससे खून का सामान्य प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। रक्त प्रवाह में होने वाली बाधा के कारण  हृदय की मांसपेशियों को क्षति पहुंच सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट अटैक के पहले शरीर में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं, जिनपर अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो हार्ट अटैक से बचाव किया जा सकता है। सभी लोगों को ऐसे लक्षणों के बारे में ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है जिससे इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचाव किया जा सके। आइए जानते हैं कि किन संकेतों के आधार पर हार्ट अटैक के खतरे की पहचान की जा सकती है?
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हार्ट अटैक के संकेत - फोटो : Pixabay
सीने में बेचैनी या असहजता

हार्ट अटैक की स्थिति में छाती में असहजता महसूस होने की स्थिति को सबसे सामान्य संकेत के तौर पर देखा जाता है। छाती में लगातार दबाव बना रहना, दर्द होना या ऐंठन महसूस होना हार्ट अटैक की तरफ संकेत माना जाता है। इस तरह के समस्या मुख्यत: बाईं तरफ होती है, दर्द कुछ स्थितियों में काफी तेज भी हो सकता है। अगर आपको अक्सर छाती में असहजता का अनुभव होता रहता है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 
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हार्ट अटैक की पहले से पहचान कैसे करें? - फोटो : Pixabay
शरीर के अन्य हिस्सों की समस्या

छाती के अलावा हार्ट अटैक की स्थिति में शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिनपर भी सभी लोगों को ध्यान देते रहना आवश्यक हो जाता है। एक या दोनों हाथों, पीठ, गर्दन, जबड़े में दर्द और असहजता का अनुभव भी हृदय की समस्याओं का संकेत माना जाता है। इन लक्षणों को अनदेखा करने की गलती न करें। हार्ट अटैक एक जानलेवा स्थिति है, ऐसे में इसके लक्षणों की गंभीरता पर ध्यान देना बहुत आवश्यक हो जाता है। 

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सांस की समस्याओं को न करें अनदेखा - फोटो : iStock
सांसों की समस्या

हृदय रोगों, विशेषकर हार्ट अटैक की स्थिति में सांसों से संबंधित दिक्कतों का अनुभव होना भी काफी सामान्य माना जाता है। यदि आपको अक्सर सीने में तकलीफ के साथ या सांस लेने में कठिनाई का एहसास होता रहता है, तो इन लक्षणों को बिल्कुल अनदेखा न करें। ऐसी समस्याएं हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है। लगातार बनी रहने वाली इन दिक्कतों के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह ले लें, ताकि हार्ट अटैक के संभावित खतरे को रोका जा सके।
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जानलेवा है हार्ट अटैक की स्थिति - फोटो : Pixabay
इन संकेतों पर भी ध्यान दें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट अटैक की स्थिति में शरीर में कई तरह की दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। आमतौर पर हम सभी ऐसे संकेतों को सामान्य मानकर इग्नोर कर देते हैं, हालांकि ऐसा करना बड़ी मुसीबतों को जन्म दे सकता है। इन लक्षणों को लेकर भी सभी लोगों के विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। 
  • छाती या बाहों में दबाव, जकड़न या दर्द जैसा अनुभव होना। 
  • छाती में दर्द की अनुभूति जो आपके गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकती है।
  • मतली, अपच या पेट दर्द की समस्या।
  • सामान्य रूप से सांस लेने में दिक्कत महसूस होना।
  • अधिक पसीना आना या लगातार थकान महसूस होते रहना। 
  • चक्कर आना। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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