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Study: हफ्ते में दो बार भी पीते हैं कोल्ड ड्रिंक तो हो जाइए सावधान, इससे 50% तक बढ़ सकता है हृदय रोगों का खतरा

Sun, 16 Jun 2024 07:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोडा कोल्ड ड्रिंक - फोटो : istock
गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए अगर आप भी कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे पेय का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए, ये शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ तमाम अध्ययनों में मीठे पेय से होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर सावधान करते रहे हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जो लोग हफ्ते में दो बार भी मीठे पेय का सेवन करते हैं और नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं, उनमें हृदय रोग विकसित होने की आशंका लगभग 50% अधिक होती है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया बाजार में आसानी से उपलब्ध सोडा, मीठे पेय और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स जैसे ऐडेड शुगर वाले पेय आपके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं, भले ही आप इसका सीमित मात्रा में ही क्यों न सेवन करते हों।

मसलन अगर आपकी भी अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स पीने की आदत है तो सावधान हो जाइए, आप गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। 
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कोल्ड ड्रिंक - फोटो : freepik.com
मीठे पेय और हृदय रोगों का खतरा

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशियन में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कम मात्रा में भी मीठे पेय के सेवन की आदत असल में बहुत नुकसानदायक हो सकती है।

हार्वर्ड के टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में आहार और पोषण अनुसंधान वैज्ञानिक डॉ लोरेना पचेको कहते हैं, मैं खुद एक आहार विशेषज्ञ हूं, इसलिए इस बात से सहमत हूं कि हमारे लिए मीठे पेय कितने हानिकारक हो सकते हैं। ये पेय पदार्थ तरल कैंडी की तरह होते हैं। स्पोर्ट्स ड्रिंक्स को लेकर भी कई अध्ययनों में दुष्प्रभावों को लेकर सावधान किया जाता रहा है।
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हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

एक लाख से ज्यादा लोगों पर किए गए चौंकाने वाले अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और हफ्ते में सिर्फ दो बार ही मीठे पेय पदार्थ पीते हैं, उनमें हृदय रोगों का खतरा 15 फीसदी तक अधिक होता है। वहीं जिन प्रतिभागियों ने हफ्ते में दो बार मीठे पेय पदार्थ पिए और व्यायाम नहीं किया, उनमें दिल की बीमारी होने का जोखिम 50 फीसदी अधिक देखा गया। 

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हृदय रोगों की समस्या - फोटो : istock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

अध्ययनकर्ता कहते हैं, यह कोई रहस्य नहीं है कि किसी भी रूप में चीनी का अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, लिक्विड के रूप में चीनी का सेवन और भी समस्याकारक है। डॉ लोरेना पचेको कहते हैं, मार्केटिंग कंपनियां इस बात पर जोर देती हैं कि चीनी-मीठे पेय पदार्थों का उन लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है जो नियमित व्यायाम करते हैं। पर हमारे निष्कर्षों इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं। 

चीनी-मीठे पेय पदार्थों का सेवन जितना संभव हो उतना कम करना चाहिए। ये न सिर्फ हृदय रोगों का कारक हैं, इनसे डायबिटीज, मोटापा और इंफ्लामेशन का भी खतरा हो सकता है।
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कोल्ड ड्रिंक्स - फोटो : freepik.com
मीठी चीजों से बनाकर रखें दूरी

यूएस स्थित विर्टा हेल्थ में चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर जेफ स्टेनली कहते हैं, हाई ग्लूकोज का स्तर और हाई इंसुलिन के कारण रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने, मधुमेह और इसकी जटिलताओं का खतरा हो सकता है। इंसुलिन प्रतिरोध भी हृदय रोग के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है।

प्रोफेसर स्टेनली कहते हैं, मीठी चीजों से, विशेषतौर पर एडेड शुगर से दूरी बनाकर रखना अच्छी सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। हृदय रोग और डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियां हैं और इन दोनों के लिए एडेड शुगर को हानिकारक माना जाता है।

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स्रोत और संदर्भ
Sugar-sweetened or artificially-sweetened beverage consumption, physical activity, and risk of cardiovascular disease in adults

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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