कोरोना संक्रमण के समय में दुनियाभर में कई बीमारियां पहले की अपेक्षा काफी तेजी से बढ़ी हैं। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मामले में भी पिछले डेढ़ साल में काफी इजाफा देखने को मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमण और इससे उत्पन्न स्थितियों के कारण लोगों के दिमाग पर गहरा असर पड़ा है, आने वाले वर्षों में यह समस्याएं स्वास्थ्य विभाग पर दबाव डाल सकती हैं। इस बीच हालिया अध्ययन चिंता को और बढ़ाने वाली है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि सामान्य लोगों की तुलना में मानसिक विकार से ग्रसित व्यक्तियों में कोविड संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु का खतरा दो गुना तक अधिक हो सकता है।
यूरोपियन कॉलेज ऑफ न्यूरोसाइकोफार्माकोलॉजी के इम्यूनो-न्यूरोसाइकियाट्री नेटवर्क द्वारा किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य संगठनों को आगाह किया है। अध्ययन के लेखकों ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं से गंभीर मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता के शिकार लोगों का जल्द से जल्द टीकाकरण कराने की अपील की है, जिससे कोरोना की तीसरी लहर से इन्हें सुरक्षित किया जा सके।
आइए आगे की स्लाइडों में अध्ययन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं।