शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में नींद लेना बेहद आवश्यक माना जाता है। नींद पूरी न होना या फिर नींद आने में समस्या महसूस होना, स्वास्थ्य संबंधी कई सारी दिक्कतों का कारण बन सकता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि नींद पूरी न होने के कारण लोगों को ब्लड-प्रेशर की दिक्कत हो सकती हैं जो कई तरह के हृदय रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं नींद की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के साथ कामेच्छा की दिक्कतों को भी बढ़ा सकती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना 6-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर लेने की सलाह देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की विपरीत परिस्थितयों के कारण लोगों के नींद की गुणवत्ता काफी प्रभावित हुई है। इसके अलावा यह जीवनशैली और आहार जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है। जितना आवश्यक रोजाना पर्याप्त मात्रा में नींद लेना है, उतना ही आवश्यक है सोने की सही स्थिति को सुनिश्चित करना। आइए आगे की स्लाइडों में सोने की कुछ स्थितियों के बारे में और जानते हैं कि हमारे शरीर को कैसे प्रभावित करती हैं?