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Stroke: युवाओं में बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले, इन लक्षणों की समय पर हो जाए पहचान तो बच सकती है जान

Thu, 19 Sep 2024 05:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा - फोटो : istock
Stroke Symptoms in Hindi: दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण हर साल सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं उनमें हृदय रोग और स्ट्रोक के मामले सबसे अधिक हैं। स्ट्रोक एक गंभीर खतरे के रूप में उभर रहा है जिसका शिकार 30 से कम उम्र के लोगों को भी देखा जा रहा है।

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है, किसी कारण से मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाने या मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण स्ट्रोक हो सकता है। इसमें मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता जिससे ब्रेन सेल्स डेड होने लग जाती हैं। समय पर उपचार न होने पर इसके जानलेवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

अध्ययनों की रिपोर्ट से पता चलता है कि युवा लोगों में स्ट्रोक के मामले पिछले एक दशक में तेजी से बढ़े हैं। धूम्रपान-शराब पीना, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को इसका कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्ट्रोक से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखना जरूरी है। इसके अलावा स्ट्रोक होने पर समय रहते उपचार प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

आइए जानते हैं कि स्ट्रोक की पहचान कैसे की जा सकती है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
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मस्तिष्क से संबंधित विकारों के मामले - फोटो : istock
स्ट्रोक से बचाव और पहचान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और धूम्रपान-शराब से दूरी बनाकर आप स्ट्रोक के खतरे को कम कर सकते हैं। स्ट्रोक जानलेवा तो है ही, वहीं इससे बचे लोगों में लकवा जैसी समस्याओं का भी खतरा हो सकता है।

स्ट्रोक के लक्षणों को जल्दी पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से मस्तिष्क को स्थाई क्षति से बचाया जा सकता है। स्ट्रोक के प्रमुख संकेतों के बारे में जानना और इसकी तुरंत पहचान करना जरूरी हो जाता है।
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सिरदर्द का कारण - फोटो : freepik.com
अचानक तेज सिरदर्द होना

स्ट्रोक का सबसे पहला संकेत अचानक सिर में तेज दर्द होना माना जाता है। अगर किसी को गंभीर सिरदर्द हो रहा हो जैसे पहले कभी महसूस नहीं किया हो तो अलर्ट हो जाएं। दर्द के साथ अक्सर लोगों को मतली, उल्टी या बेहोशी भी हो सकती है। ये स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत ब्लड प्रेशर की जांच करें और रोगी को आपातकालीन चिकित्सा प्राप्त कराएं। हाई ब्लड प्रेशर को स्ट्रोक का प्रमुख कारण माना जाता है।   

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स्ट्रोक के लक्षण - फोटो : istock
चेहरे, हाथ-पैर में कमजोरी

स्ट्रोक होने पर चेहरे, हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नता हो सकती है। यदि शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नता आ जाए, लकवा मार जाए तो ये भी स्ट्रोक की तरफ इशारा होता है। यह आमतौर पर चेहरे, एक हाथ या एक पैर में हो सकता है, खासकर शरीर के एक ही तरफ। यदि व्यक्ति मुस्कुराने या बोलने की कोशिश करता है और उसका चेहरा एक तरफ झुक जाता है, तो यह भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
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संतुलन न बनने की समस्या - फोटो : istock
संतुलन बिगड़ने की समस्या

स्ट्रोक के कारण चक्कर आना या संतुलन खोना भी सामान्य है। सिरदर्द के साथ अगर अचानक चक्कर आने, शरीर का संतुलन बिगड़ने या चलने में कठिनाई होने जैसी दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। चलते समय गिरना, अचानक पैरों में कमजोरी या लड़खड़ाते हुए चलने जैसे संकेतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। 

अगर किसी को इस तरह के असामान्य लक्षण हो रहे हों तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। समय पर सही निदान और उपचार होने से जान बचाई जा सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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