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Heart Attack: डॉक्टर ने हार्ट अटैक से बचने के बताए चार कारगर तरीके, कहा- सभी लोग रखें ध्यान

Sun, 21 Jan 2024 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : istock
हृदय रोग या हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों में होने वाली समस्या नहीं रही है, कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में 30 से कम आयु वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते हुए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर तो हो रही रहा है साथ ही कोरोना महामारी ने भी इन समस्याओं के जोखिम को और बढ़ा दिया है।

डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों को हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। हृदय रोग- हार्ट अटैक से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। कम उम्र से ही सभी लोगों को इस बारे में सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।

आइए उन उपायों के बारे में जानते हैं जिन्हें डॉक्टर्स इस जानलेवा समस्या से बचाव के लिए कारगर मानते हैं।
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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?

अमर उजाला से बातचीत में हृदय रोगों के विशेषज्ञ डॉ. अमृतपाल सिंह बताते हैं, जिस तरह की हम में से ज्यादातर लोगों की लाइफस्टाइल है, उसके कारण न सिर्फ हार्ट की समस्याओं का खतरा हो सकता है, साथ ही ये कई अन्य क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, लंग्स की समस्या और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का जोखिम भी बढ़ाने वाली हो सकती है। सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप निरंतर उन उपायों को लेकर जागरूक रहें, जो हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकती है।
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धूम्रपान के कारण होने वाली समस्या - फोटो : istock
धूम्रपान से बिल्कुल बना लें दूरी

डॉक्टर कहते हैं, हार्ट की समस्याओं-हार्ट अटैक से बचाव के लिए सबसे आवश्यक है आप धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बना लें। भले ही आप धूम्रपान न करते हों, सेकेंडहैंड स्मोकिंग से भी बचाव करें। तम्बाकू में मौजूद रसायन हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।  सिगरेट का धुआं रक्त में ऑक्सीजन कम कर देता है, जिससे रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है।

धूम्रपान छोड़ने से आप इन समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो अभी से इसे छोड़ने का निश्चय लेकर भी इस जानलेवा समस्या के खतरे को कम कर सकते हैं।

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शारीरिक सक्रियता जरूरी - फोटो : istock
शारीरिक रूप से रहें सक्रिय

नियमित दैनिक शारीरिक गतिविधि हृदय रोग के खतरे को कम कर सकती है। शारीरिक गतिविधि आपके वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। यह उन समस्याओं के खतरे को भी कम करने में सहायक है जो हृदय पर दबाव डालती हैं, इनमें उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज शामिल हैं।

सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति के एरोबिक व्यायाम जैसे तेज गति से चलने की आदत बनाएं। योग के कई आसन भी हार्ट की मांसपेशियों की शक्ति में सुधार करते हैं।
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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : istock
आहार की पौष्टिकता जरूरी

स्वस्थ आहार न सिर्फ हृदय की रक्षा करता है साथ ही रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मदद करता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खूब सारी हरी सब्जियों और फल के साथ आहार में लीन मीट और मछली, लो फैट वाले डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज और हेल्दी फैट वाले तेल जैसे ऑलिव ऑयल का सेवन करें।

आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखकर हार्ट की समस्याओं को कम करने में लाभ मिल सकता है।
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रक्तचाप को रखें कंट्रोल - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर की नियमित रूप से करें जांच

डॉक्टर कहते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ना हृदय रोग-हार्ट अटैक के प्रमुख कारकों में से एक है। इसे कंट्रोल में रखने के उपाय करके हार्ट अटैक के जोखिम को कम किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर की नियमित रूप से जांच करते रहें, अगर ये अक्सर बढ़ा रहता है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना भी बहुत आवश्यक है। अच्छी नींद मोटापा, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, मधुमेह और अवसाद का खतरा कम करने में मदद करती है। सभी लोगों को रोजाना रात में कम से कम सात-आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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