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Covid-19: बिना बुखार के सिरदर्द भी हो सकता है संक्रमण का संकेत, लॉन्ग कोविड की इन जटिलताओं को लेकर विशेषज्ञों ने किया अलर्ट

Sun, 15 May 2022 02:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड-19 के संकेतों को जानिए - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के कई देशों में जिस रफ्तार के साथ कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में इजाफा देखा जा रहा है, वह निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाला है। भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2400 से अधिक नए मामले रिपोर्ट किए गए, वहीं 13 लोगों को मौत हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समय देश में ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं।

इन वैरिएंट्स को अत्याधिक संक्रामकता वाला माना जाता है, इसके अलावा इससे होने वाले संक्रमण की स्थिति में पहले की तुलना में लक्षणों में भी कई तरह की भिन्नता देखी जा रही है। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही संक्रमितों में बुखार, जुकाम और सिरदर्द जैसे लक्षण काफी सामान्य रहे हैं। 

कोरोना को लेकर हुए अध्ययन के डेटा से पता चलता है कि कोविड-19 में सिरदर्द और बुखार की समस्या काफी सामान्य है। हालांकि कई लोगों में संक्रमण के दौरान इनमें से कोई एक लक्षण भी हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोरोना के नए वैरिएंट्स के साथ लक्षणों में परिवर्तन आ गया है? क्या अगर किसी को बिना बुखार के सिरदर्द हो रहा है तो उसे संक्रमण का शिकार माना जा सकता है? आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
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कोरोना संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock
कोरोना के लक्षणों को समझिए

नए कोरोना वैरिएंट्स के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने जो अध्ययन किए, उसमें कई तरह की बातें पता चलीं। शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ रोगियों में बिना बुखार के सिरदर्द की स्थिति में भी कोविड टेस्ट पॉजिटिव आ रहा है। सिरदर्द की स्थिति, कोविड-19 में काफी आम है।

स्पेन स्थित यूनिवर्सिटारियो डी ला प्रिंसेस हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 के जिन रोगियों ने संक्रमण के शुरुआती समय में सिरदर्द का अनुभव किया, उनमें गंभीर बीमारी और मृत्यु का जोखिम कम पाया गया है। हालांकि कुछ लोगों को लंबे समय तक बुखार के बिना भी सिरदर्द की समस्या बनी रह सकती है। 
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कोरोना में बिना बुखार के सिरदर्द की समस्या - फोटो : iStock
सिरदर्द की समस्या

जर्नल ऑफ हेडेक एंड पेन में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि कोविड-19 वाले ज्यादातर लोगों में शरीर में दर्द और गंध की कमी के साथ सिरदर्द की समस्या देखने को मिली है। इसके विपरीत, दिसंबर 2020 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कोविड-19 से संक्रमित 112 लोगों में सिरदर्द और बुखार जैसी कोई भी समस्या नहीं देखी। शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि 10 से 70 प्रतिशत संक्रमितों में सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसके साथ बुखार होना जरूरी नहीं है।

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ल़ॉन्ग कोविड की जटिलताओं के बारे में जानिए - फोटो : iStock
लॉन्ग कोविड में भी बनी रह सकती है यह समस्या

शोधकर्ताओं ने पाया कि सिरदर्द की समस्या, संक्रमितों के साथ-साथ लॉन्ग कोविड वाले रोगियों में भी काफी सामान्य देखी जा रही है। लॉन्ग कोविड वाले ज्यादातर लोगों में बिना बुखार के सिरदर्द की समस्या लंबे समय तक बनी देखी जा रही है। विशेषकर ओमिक्रॉन से संक्रमितों में रोग के दौरान सिरदर्द के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं, यह समस्या पोस्ट कोविड सिंड्रोम में भी जारी रह सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इस दौर में अगर आपको लगातार सिरदर्द की समस्या बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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पोस्ट कोविड सिंड्रोम की समस्याएं - फोटो : istock
लॉन्ग कोविड के सामान्य लक्षण

पोस्ट कोविड की समस्याओं के बारे में जानने के लिए किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि 80 प्रतिशत से अधिक संक्रमितों में ठीक होने के छह माह से एक साल के बाद तक भी कम से कम एक दीर्घकालिक लक्षण बना रह सकता है। इसमें थकान (58 प्रतिशत), सिरदर्द (44 प्रतिशत), एकाग्रता में कमी (27 प्रतिशत), बालों का झड़ना (25 प्रतिशत) और सांस की तकलीफ (24 प्रतिशत) के मामले सबसे आम देखे गए हैं। 
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लॉन्ग कोविड की समस्याओं को लेकर अलर्ट - फोटो : Pixabay
इन दीर्घकालिक लक्षणों के बारे में जानिए

जर्नल ऑफ इंफेक्शन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने लॉन्ग कोविड के लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों के बारे में बताया है। अध्ययन में 18 वर्ष से अधिक आयु के 465 रोगसूचक संक्रमितों को शामिल किया गया। अध्ययन के परिणाम के मुताबिक थकान के अलावा सांस फूलने की समस्या लोगों में काफी अधिक देखी जा रही है। यह दिक्कतें संक्रमण से ठीक होने के छह माह से 15 माह तक बनी रह सकती हैं। 


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स्रोत और संदर्भ
Fatigue and Dyspnoea as Main Persistent Post-COVID-19 Symptoms in Previously Hospitalized Patients: Related Functional Limitations and Disability

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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