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Cancer: गैस्ट्रिक कैंसर का बढ़ रहा है खतरा, महिलाओं में जोखिम अधिक, जानिए क्यों होती है ये जानलेवा बीमारी

Tue, 12 Sep 2023 05:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट में कैंसर की समस्या - फोटो : istock
कैंसर को गंभीर और जानलेवा बीमारियों में से एक माना जाता है, हर साल विभिन्न प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दुनियाभर में गैस्ट्रिक कैंसर ऐसा ही एक बढ़ता हुआ खतरा है जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। गैस्ट्रिक कैंसर को 'स्टमक कैंसर' के नाम से भी जाना जाता है, हमारी लाइफस्टाइल की कुछ गड़बड़ आदतों के कारण इस रोग के बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है। 

पेट के भीतर कोशिकाओं में असामान्य रूप से वृद्धि होने की समस्या इस रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। वैसे तो पेट का कैंसर किसी को भी हो सकता है लेकिन इसका सबसे ज्यादा जोखिम 60 साल से अधिक उम्र वालों में अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा कुछ अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के इस कैंसर से पीड़ित होने की आशंका अधिक हो सकती है।

आइए इस जानलेवा स्वास्थ्य समस्या के बारे में जानते हैं।
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पेट के कैंसर का खतरा - फोटो : Pixabay
गैस्ट्रिक कैंसर का जोखिम

गैस्ट्रिक कैंसर पेट के किसी भी हिस्से में हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि गैस्ट्रिक कैंसर के ज्यादातर मामले, गैस्ट्रोएसोफेगल हिस्से में शुरू होते हैं, यह वो हिस्सा है जहां भोजन को ले जाने वाली लंबी नली पेट से मिलती है। भोजन को पेट तक ले जाने वाली नली को ग्रासनली कहते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, पेट के कैंसर का इलाज आसान हो सकता है अगर कैंसर सिर्फ पेट तक ही सीमित है या फिर समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए। इसके लक्षणों की पहचान करना बहुत आवश्यक हो जाता है।
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पेट में होने वाली समस्याएं - फोटो : pixabay
गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण

गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण हर बार नजर आएं, ये आवश्यक नहीं है। पेट का कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, जिस हिस्सों में ये कैंसर फैलता है उसके आधार पर इसके लक्षण अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, जब कैंसर लिम्फ नोड्स में फैलता है तो इसमें गांठें हो सकती हैं जिन्हें आप त्वचा के माध्यम से महसूस कर सकते हैं। लिवर तक फैलने वाले कैंसर के कारण त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ सकता है।

पेट के भीतर कैंसर फैलने की स्थिति में पेट में तरल पदार्थ भर सकता है जिससे पेट सूजा हुआ दिखता है। 

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कैंसर का खतरा - फोटो : Pixabay
क्यों होता है ये कैंसर?

यह स्पष्ट नहीं है कि पेट का कैंसर किस कारण से होता है? हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर मामलों में ये तब शुरू होता है जब पेट की अंदरूनी परत को किसी चीज के कारण नुकसान पहुंचने लगता है। उदाहरण में पेट में संक्रमण होना, लंबे समय से एसिड रिफ्लक्स की समस्या बने रहना या बहुत अधिक नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन भी इस समस्या के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। 
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पेट में कैंसर से कैसे बचें - फोटो : iStock
ऐसे लोगों को हो सकता है खतरा

कुछ स्थितियां आपमें इस कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसमें खान-पान और लाइफस्टाइल में होने वाली समस्याओं को प्रमुख माना जाता है। 

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या वाले लोगों में पेट के कैंसर के विकसित होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा नमकीन और स्मोक्ड खाद्य पदार्थ, गैस्ट्राइटिस की बीमारी या अधिक धूम्रपान करने वाले लोगों में भी इसका खतरा हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को ये कैंसर की समस्या रही है उन्हें इसके खतरे को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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