लॉन्ग सिटिंग या सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई प्रकार से सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाला मानते रहे हैं। अध्ययनकर्ता बताते हैं, जिन लोगों के दिन का अधिकतर समय बैठे-बैठे बीतता है या शारीरिक तौर पर कम सक्रिय रहते हैं, उनके अन्य लोगों की तुलना में मोटापा का शिकार होने का जोखिम अधिक हो सकता है, और मोटापा को हृदय रोग-डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। पर इसके जोखिम यहीं तक सीमित नहीं हैं, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल आपके मस्तिष्क की सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया, ज्यादा बैठने की आदत हमारे मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली हो सकती है, इतना ही नहीं ऐसे प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि जीवनशैली की इस गड़बड़ आदत के कारण आपका मस्तिष्क उसी तरह का हो सकता है जैसा डिमेंशिया के शिकार लोगों का होता है।
आइए जानते हैं कि ज्यादा बैठना ब्रेन के लिए किस तरह से हानिकारक है?