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अलर्ट: इन छह लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकती है ल्यूकेमिया की बीमारी

Wed, 18 Aug 2021 09:42 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Saurabh Mayank 

डॉ. (मेजर) सौरभ मयंक  
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल 
डिग्री- एमडी (मेडिसिन) 


शरीर में खून का होना उतना ही जरूरी है, जितना कि जीने के लिए सांस लेना होता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ल्यूकेमिया भी खून से जुड़ी ही एक गंभीर बीमारी है, जिसे ब्लड कैंसर भी कहा जाता है। इस बीमारी में शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स (सफेद रक्त कोशिकाओं) की संख्या असामान्य रूप से बढ़ जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जब सफेद रक्त कोशिकाओं के डीएनए को क्षति पहुंचती है, तो ल्यूकेमिया बीमारी विकसित होती है। इस कैंसर की कोशिकाएं अस्थि मज्जा में बढ़ती हैं और अस्थि मज्जा में रहकर ही स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को सामान्य रूप से बढ़ने और कार्य करने से रोकती हैं। अगर समय पर इसका इलाज न किया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए इसके लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं इसके लक्षणों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ल्यूकेमिया के लक्षण 

खून का बहना 
  • खून के थक्के बनने में प्लेटलेट्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इस बीमारी के कारण प्लेटलेट्स का उत्पादन प्रभावित होता है। ऐसे में शरीर में कहीं भी चोट लगने पर आसानी से घाव बन जाते हैं या खून बहता है। अगर आपको भी कहीं चोट लगी है और घाव जल्दी नहीं भर रहा है तो एक बार ल्यूकेमिया की जांच जरूर करवा लें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बार-बार संक्रमण होना
  • सफेद रक्त कोशिकाओं का काम शरीर को संक्रमण से बचाना होता है, लेकिन जब वो ठीक से काम नहीं कर पाती हैं और उनकी संख्या अनियंत्रित हो जाती है तो शरीर आसानी से संक्रमण का शिकार हो जाता है। इसलिए बुखार, ठंड लगना, और खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हड्डी और जोड़ों में दर्द 
  • ल्यूकेमिया की बीमारी में हड्डियों में तेज दर्द, जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या देखने को मिल सकती है। दरअसल, ये समस्याएं अस्थि मज्जा में ल्यूकेमिक कोशिकाओं के तेजी से बढ़ने के कारण होती हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें, बल्कि डॉक्टर को दिखाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इन लक्षणों पर भी दें ध्यान 
  • त्वचा का पीला होना भी ल्यूकेमिया का एक प्रमुख लक्षण है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ल्यूकेमिया से पीड़ित व्यक्ति को हर समय थकान महसूस होती है और सांस लेने में भी दिक्कत होती है। इसलिए इन लक्षणों को ध्यान देने की जरूरत होती है। 
नोट: डॉ. (मेजर) सौरभ मयंक ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से एमडी (मेडिसिन) पूरा किया है। इसके अलावा उन्होंने 2डी इकोकार्डियोग्राफी में फेलोशिप भी पूरी की है। डॉ. सौरभ को मेदांता अस्पताल, लखनऊ में काम करने का पूर्व अनुभव है। उन्हें क्रिटिकल केयर, इंटरनल मेडिसिन और डायबेटोलॉजी में दक्षता हासिल है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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