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सावधान: मजबूत इम्युनिटी के लिए आवश्यक है विटामिन-डी, पर इसके अधिक सेवन से हो सकते हैं गंभीर साइड-इफेक्ट्स

Mon, 20 Dec 2021 05:41 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विटामिन डी की अधिकता (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले सभी लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। अध्ययन बताते हैं कि ओमिक्रान जैसे कोरोना के नए वैरिएंट्स वैक्सीनेशन करा चुके लोगों में भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में सभी लोगों के लिए इससे बचाव के पर्याप्त उपाय करते रहना आवश्यक है। यही कारण है कि लोगों ने एक बार फिर से प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने वाले उपायों को प्रयोग में लाना शुरू कर दिया है। कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही लोग फिर से विटामिन-डी, काढ़ा और अन्य उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं।

पर कहीं आप कोरोना से बचाव के लिए अधिक मात्रा में तो विटामिन-डी का सेवन नहीं कर रहे हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इम्युनिटी को बढ़ावा देने के लिए विटामिन डी वाले आहार और सप्लीमेंट्स का सेवन करना बेहतर माना जाता है, हालांकि इसकी अधिक मात्रा के कारण शरीर में कई तरह के गंभीर साइड-इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन-डी का अधिक सेवन कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में जानते हैं।
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विटामिन डी का उचित मात्रा में सेवन जरूरी - फोटो : Pixabay
कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए विटामिन डी का सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी विटामिन या पोषक तत्व से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही मात्रा में सेवन किया जाना आवश्यक होता है। प्रतिदिन 400-800 आईयू या 10-20 माइक्रोग्राम की मात्रा में इस विटामिन के सेवन को शरीर के लिए ठीक माना जाता है। हालांकि इसका बहुत अधिक मात्रा में सेवन करना हानिकारक हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं।
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बढ़ सकती हैं पेट की समस्याएं - फोटो : Pixabay
पेट से संबंधित समस्याएं
विटामिन डी, भोजन के माध्यम से कैल्शियम के अवशोषण को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण माना जाता है। विटामिन डी के उच्च स्तर से शरीर में कैल्शियम का स्तर अपने आप बढ़ जाएगा। कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से पाचन संबंधी तमाम तरह की समस्या जैसे मतली, कब्ज और पेट दर्द की समस्या बढ़ हो सकती है। कुछ लोगों में यह चक्कर आने, मतिभ्रम, अत्यधिक पेशाब आने, भूख न लगने, किडनी की पथरी और उच्च रक्तचाप का भी कारण बन सकती है।

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मानसिक स्वास्थ्य - फोटो : Pixabay
मानसिक स्वास्थ्य की समस्या
विटामिन डी की अधिकता मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। चूंकि विटामिन डी की अधिकता से हाइपर कैल्सीमिया की समस्या बढ़ जाती है जो कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में लोगों को भ्रम, मनोविकृति और अवसाद की समस्या का खतरा बढ़ जाता है।
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हो सकती हैं किडनी की बीमारियां - फोटो : Pixabay
किडनी की बीमारी
विटामिन डी की अधिकता के कारण किडनी की बीमारी या किड़नी फेलियर की भी समस्या हो सकती है। विटामिन डी के उच्च स्तर के कारण कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है, जिससे बहुत अधिक पेशाब आने और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। कुछ स्थितियों में किडनी की रक्त वाहिकाओं में कसाव आ जाता है जिससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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