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कोरोना संकट: अब नए वैरिएंट्स से चिंता की जरूरत नहीं, वैज्ञानिकों ने इनसे मुकाबले के लिए खोज निकाला कारगर तरीका

Thu, 25 Jan 2024 12:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचाव के उपाय - फोटो : istock
कोरोनावायरस में लगातार म्यूटेशन जारी है, नए वैरिएंट्स के कारण हाल के महीनों में दुनिया के कई हिस्सों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रॉन के BA.2.86 वैरिएंट में हुए म्यूटेशन के कारण सामने आए नए JN.1 सब-वैरिएंट ने वैश्विक स्तर पर न सिर्फ संक्रमण का जोखिम बढ़ाया, साथ ही इसके कारण  कुछ लोगों में गंभीर रोगों का भी खतरा देखा गया।

फिलहाल इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हई है, हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस में नए म्यूटेशनों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया जिस तेज गति से JN.1 का संक्रमण इस बार देखा गया है उसने भविष्य में नए वैरिएंट्स के जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है, ऐसे में संक्रमण से बचाव को लेकर हमें लगातार अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

संभावित नए वैरिएंट्स से किस तरह से मुकाबला किया जा सकता है, इस बारे में बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने कारगर तरीका ढूंढ लिया है जिसकी मदद से भविष्य में कोरोना के जोखिमों से बचाव करने में मदद मिल सकती है। शोध की रिपोर्ट को फ्रंटियर ऑफ इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
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कोरोना के नए वैरिएंट्स से मुकाबला - फोटो : Pixabay
भविष्य के संभावित वैरिएंट्स से मुकाबले की तैयारी

इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन (इनस्टेम), यूनिलीवर लिमिटेड और नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (एनसीबीएस) के वैज्ञानिकों ने एक खोज की है जो सार्स-सीओवी-2 के वर्तमान और भविष्य के संभावित वैरिएंट्स से लड़ने में मदद कर सकती है। बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि अनुसंधान टीम ने लगातार परिवर्तित हो रहे वायरस प्रोटीन को लक्षित करने के बजाय इस बार शरीर की एंटीवायरल सुरक्षा को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
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शरीर का तंत्र मजबूत करने पर जोर - फोटो : Pixabay
वायरस के खिलाफ शरीर की शक्ति बढ़ाने पर जोर

कोरोना के नए वैरिएंट्स से किस प्रकार से मुकाबला किया जाए इसके लिए इस बार शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से रोगाणुरोधी पेप्टाइड्स (एएमपी) को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। एएमपी, मानव शरीर में उत्पादित होने वाला पदार्थ है सार्स-सीओवी-2 जैसे वायरस के वसायुक्त बाहरी झिल्ली को बाधित करने में मददगार है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर एएमपी को बढ़ाने पर जोर दिया जाए तो शरीर में वायरस के संक्रमण और इसके संचरण को रोका जा सकता है। 

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कोरोना से बचाव के तरीके - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों ने खोजा नया  फॉर्मूलेशन

इन खोजों के आधार पर, शोधकर्ताओं ने एक फॉर्मूलेशन का आविष्कार किया जो नए वैरिएंट से संक्रमण को प्रबंधित कर सकता है। इनस्टेम की निदेशक प्रोफेसर मनीषा इनामदार कहती हैं, इस खोज के माध्यम से भविष्य में कोरोना के आने वाले वैरिएंट्स से मुकाबला करना आसान हो सकता है।

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक विभव संजगिरी ने इस खोज को साबुन और सैनिटाइजर जैसे रोजमर्रा के उत्पादों में शामिल करने की बात कही है, जिसके उपयोग से वायरस से मुकाबला किया जा सकेगा। 
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कोरोना में जारी है लगातार म्यूटेशन - फोटो : सोशल मीडिया
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने कहा, ये खोज कोविड-19 वैरिएंट के खिलाफ हमारे शस्त्रागार में एक शक्तिशाली हथियार की वृद्धि का सूचक है। इस फॉर्मूलेशन को दैनिक इस्तेमाल की चीजों में शामिल करके लोगों में प्रतिरक्षा को बढ़ाकर संक्रामक रोगों से निपटने में मदद मिल सकती है। कोरोनावायरस में लगातार म्यूटेशन जारी है और जिस तरह से अध्ययनों में संदेह जताई जा रही है कि भविष्य में और भी वैरिएंट्स आ सकते हैं, इन जोखिमों को देखते हुए हमारे पास दीर्घकालिक रूप में सुरक्षातंत्र की आवश्यकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Niacinamide enhances cathelicidin mediated SARS-CoV-2 membrane disruption

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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