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Covid-19 Study: हृदय-फेफड़ों के साथ हड्डियों को भी गंभीर क्षति पहुंचा सकता है संक्रमण, वैज्ञानिकों ने किया सावधान

Fri, 27 May 2022 04:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमितों में हड्डियों की समस्या - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण के प्रभावों को लेकर हुए अब तक के कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि इसे सिर्फ श्वसन पथ का संक्रमण नहीं माना जा सकता है। सार्स-सीओवी-2 वायरस शरीर के कई अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। हृदय, फेफड़े, रक्त वाहिकाओं और आंखों के अलावा कोरोना संक्रमण के कारण हड्डियों पर भी दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है।

हाल ही में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना के गंभीर रोग से संक्रमित रह चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के रूप में हड्डियों के क्षरण से संबंधित समस्याएं रिपोर्ट की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को इस खतरे को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है। 

नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के लंबे समय तक बने रहने वाले दुष्प्रभावों में हड्डियों की क्षति से संबंधित समस्याओं के बारे में पता चलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित रह चुके सभी लोगों को इस संभावित खतरे को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कोरोना का संक्रमण बोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता हुआ देखा गया है, जिसके कारण हड्डियों से संबंधित कई तरह की गंभीर समस्याओं का जोखिम हो सकता है। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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हड्डियों पर संक्रमण का असर - फोटो : iStock
कोरोना का हड्डियों के मेटाबॉलिज्म पर असर

हांगकांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध के दौरान कोरोना संक्रमण के हड्डियों की सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना संक्रमण के कारण अब तक लोगों में हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और शरीर के अन्य अंगों से संबंधित समस्याएं देखी जाती रही हैं। हालांकि इस अध्ययन के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि वायरस, हड्डियों के मेटाबॉलिज्म को किस प्रकार से प्रभावित करता है?

शोध के परिणाम बताते हैं कि संक्रमण के कारण हड्डियों के ऊतकों पर भी गंभीर असर हो सकता है, जिसका समय रहते पहचान किया जाना आवश्यक है।
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हड्डी के ऊतकों में समस्या - फोटो : iStock
अध्ययन में क्या पता चला?

शोधकर्ताओं की टीम ने इस अध्ययन के लिए संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की हड्डियों के ऊतकों की थ्री डायमेंशनल माइक्रोकंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन करके उसका विश्लेषण किया। टीम ने पाया कि  सार्स-सीओवी-2 वायरस 20-50 फीसदी तक हड्डियों की गंभीर क्षति का कारण बन सकता है।

संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में ऑस्टियोपेनिया की समस्या रिपोर्ट की गई। यह स्थिति हड्डी के ऊतकों में प्रोटीन और अन्य आवश्य खनिज सामग्री की कम को प्रदर्शित करती है। 

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लॉन्ग कोविड और हड्डियों की दिक्कत - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अध्ययन के बारे में बताते हुए प्रमुख लेखक का कहना है कि कोविड-19 को सिर्फ श्वसन संक्रमण तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। लॉन्ग कोविड समस्या के तौर पर लोगों में जिस प्रकार से हड्डियों की दिक्कत देखी गई है, इसपर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हड्डी के ऊतकों में आई पोषकता की कमी, कम उम्र में ही कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन सकती है। पोस्ट कोविड के मामलों में चिकित्सकों को इससे संबंधित जांच भी जरूर करनी चाहिए।
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कोविड-19 के खतरों को लेकर बरते सावधानी - फोटो : istock
लॉन्ग कोविड में हड्डियों से संबंधित समस्याएं

यह अब तक का पहला ऐसा अध्ययन है जिसमें कोरोना संक्रमण के कारण हड्डियों के मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्याओं के बारे में पता चलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में इसका क्या प्रभाव हो सकता है, इस बारे में जानने के लिए शोध किया जा रहा है। फिलहाल अध्ययन के परिणाम इस ओर इशारा करते हैं कि संक्रमितों में लॉन्ग कोविड के रूप में हड्डियों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, जिसको लेकर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। 


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स्रोत और संदर्भ
SARS-CoV-2 infection induces inflammatory bone loss in golden Syrian hamsters

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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