प्रतीकात्मक तस्वीर
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एपिवैक कोरोना वैक्सीन विकसित करने वाले वेक्टर संस्थान ने कहा है कि सामान्य ट्रायल से अलग एक अलग क्लिनिकल ट्रायल भी होगा, जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु वाले करीब 150 स्वयंसेवक सहभागी होंगे। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि बुजुर्गों पर वैक्सीन कितनी प्रभावी है और उनके लिए वैक्सीन की डोज क्या होगी। उसके बाद 18 से 60 साल के बीच के 5,000 रूसी स्वयंसेवकों पर प्लेसबो-नियंत्रित परीक्षण होगा।