कई बीमारियों का खतरा पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग हो सकता है।
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महिलाओं में न्यूरोलॉजिकल विकारों का जोखिम
मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि क्लीनिकल ट्रायल और चिकित्सा अनुसंधान मुख्यरूप से पुरुषों से संबंधित विषयों पर अधिक केंद्रित रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में, चिकित्सा विशेषज्ञों ने यह देखना शुरू किया है कि कई बीमारियों का खतरा पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग हो सकती है। न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी उनमें से एक हैं।
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ रमन सिंह बताते हैं, महिलाओं में उनकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया, हार्मोनल चक्र और कई अन्य कारकों में अंतर के कारण कुछ न्यूरोलॉजिकल विकारों का का जोखिम अधिक हो सकता है।
अल्जाइमर रोग, मिर्गी, माइग्रेन, मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), पार्किंसंस रोग और स्ट्रोक जैसी समस्याएं उनमें प्रमुख हैं।