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एक मास्क का बार-बार इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, रिसर्च में हुआ ये बड़ा खुलासा

Tue, 22 Dec 2020 01:29 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के समय से ही एक चीज पहनने की सबको सलाह दी जा रही है, और वो है मास्क। जी हां! डॉक्टर्स से लेकर विशेषज्ञों तक सभी का ये कहना है कि मास्क पहनने से इस वायरस से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए मास्क ऐसा होना चाहिए जिससे नाक से लेकर आपका मुंह तक पूरी तरह ढका हो। इसके लिए लोग कपड़ों से बने मास्क का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मास्क का इस्तेमाल जरुरत से ज्यादा करने पर ये खतरे से खाली नहीं है? तो चलिए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, मास्क को लेकर की गई एक नई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि अगर एक मास्क का इस्तेमाल जरुरत से ज्यादा किया जाए तो वो तो खतरे से खाली है ही नहीं, साथ ही महामारी के दौरान मास्क न पहनने से भी ज्यादा एक मास्क का ज्यादा इस्तेमाल करना हानिकारक है। शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि सर्जिकल मास्क दोबारा इस्तेमाल करने पर इसलिए फेल होता है, क्योंकि इसका सबसे बड़ा कारण है उसका आकार और फैब्रिक (कपड़ा)। कुछ समय बाद मास्क का कपड़ा खराब हो जाता है और साथ ही इसका असली आकार भी बदल जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रिसर्च में वैज्ञानिकों के सामने ये बात निकलकर आई कि ताजा और नया मास्क सबसे ज्यादा सुरक्षा और दक्षता प्रदान करता है। लेकिन पहले इस्तेमाल किया गया मास्क नए मास्क की तुलना में 60 प्रतिशत से कम वायरस को फिल्टर करता है। सर्जिकल मास्क लेते समय और दोबारा मास्क का इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान देना जरूरी है कि वो आखिर किस कपड़े से बना है। अगर आप फैंसी या फिर ट्रेंडी मास्क खरीदकर पहनते हैं, तो जाहिर है कि ये आपको वायरस से सुरक्षित रखने में कारगर साबित नहीं हो सकते।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अगर मास्क सस्ते कपड़े से बना है, तो फिर उसकी क्वालिटी भी वैसी ही खराब होती है। मास्क ऐसा होना चाहिए जिसमें किसी तरह का कोई छेद न हो, जो आपके चेहरे पर अच्छे से फिट हो सके, जो आपके चेहरे से अपने आप नीचे ना आए यानी कसकर लगा रहे, क्योंकि अगर मास्क बार-बार आपके चेहरे से अपने आप उतरेगा तो आपको उतनी बार उसे छूना पड़ेगा। इसलिए ऐसा मास्क ही पहनें जो पूरी तरह से आपके मुंह पर फिट न हो।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जब एक मास्क लगातार इस्तेमाल के बाद गंदा हो जाता है, तो कई लोग उसे धो लेते हैं। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात है कि इसे धोने के बाद इसमें छेद तक हो जाते हैं, जिससे वायरस का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मास्क को धोने की जगह नया मास्क पहनने की कोशिश करनी चाहिए। कई लोग मास्क को आधा अधूरा भी पहनते हैं। जैसे, सिर्फ नाक ढकते हैं या फिर सिर्फ मुंह। जबकि मास्क से दोनों चीजें ढकी होनी जरूरी हैं, क्योंकि तभी आप कोरोना वायरस से बचने में कामयाब हो सकते हैं।

नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप किसी भी चीज का सेवन या कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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