कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ज्यादातर लोगों में खांसी-बुखार और सांस की तकलीफ के साथ गंध और स्वाद न आने की शिकायत देखने को मिली। कोविड-19 के कई ऐसे संक्रमित भी देखे गए जिनमें गंध और स्वाद न आना ही एकमात्र लक्षण था। मेडिकल की भाषा में स्वाद और गंध न आने की स्थिति को 'एनोस्मिया' के नाम से जाना जाता है। कोरोना के दौरान एनोस्मिया के मामलों को काफी सामान्य माना जा रहा था, लेकिन अगर कोरोना से ठीक होने के बाद भी आपमें यह दिक्कत बनी रहती है, तो निश्चित ही यह चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर मामलों में कोविड-19 से ठीक होने के बाद स्वाद तो जल्दी आ जाता है लेकिन गंध आने में थोड़ा वक्त जरूर लग सकता है।
आइए इस लेख में जानते हैं कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद कितने समय में स्वाद और गंध दोबारा से वापस आ जाता है? इस बारे में तमाम अध्ययनों के दौरान विशेषज्ञों को क्या पता चला है?
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गंध न आने की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना में गंध और स्वाद न आने का कारण
डॉक्टरों के मुताबिक वायरल श्वसन संक्रमण के बाद गंध कम आना या बिल्कुल न आना कोई नई बात नहीं है। हालांकि कोविड-19 के मामले में यह समस्या थोड़ी अलग है। कोरोना वायरस शीघ्रता से खुद को तंत्रिका तंत्र से जोड़ लेता है। इसके बाद वायरस आसानी से नाक तक पहुंचकर ओल्फेक्ट्री नर्व में चला जाता है। ओल्फेक्ट्री नर्व्स, नाक के ऊपरी हिस्से में मौजूद होती हैं और गंध की संवेदनाओं को मस्तिष्क तक पहुंचाने का काम करती हैं। आमतौर पर लोग मीठे, खट्टे, कड़वे और नमकीन जैसे स्वादों की पहचान कर सकते हैं, लेकिन गंध न आने की स्थिति में स्वाभाविक रूप से स्वाद में अंतर कर पाना कठिन हो जाता है।
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जल्द वापस आ जाती है सूंघने की क्षमता
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क्या कहते हैं अध्ययन
जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 95 प्रतिशत रोगियों में कोरोना से ठीक होने के छह महीने के भीतर सूंघने की क्षमता वापस आ जाती है। कोरोना के रोगियों में सार्स-सीओवी-2 वायरस से ओल्फेक्ट्री नर्व्स को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता है जिसके कारण एनोस्मिया की दिक्कत लंबे समय तक बने रहने की आशंका बहुत कम होती है।
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ओल्फेक्ट्री ट्रेनिंग से प्राप्त करें स्वाद और गंध
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स्वाद और गंध कैसे प्राप्त करें?
इंटरनेट पर कई वीडियो सामने आए हैं जहां लोग स्वाद और गंध प्राप्त करने के लिए जले हुए संतरे और सेब की तरह प्याज को दांतों से काटकर खा रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा करना बेतुका लग सकता है लेकिन कई बार इससे लाभ भी मिल सकता है। सामान्यतौर पर यह सभी उपाय ओल्फेक्ट्री ट्रेनिंग के लिए किए जाते हैं। ओल्फेक्ट्री ट्रेनिंग में शरीर की न्यूरोप्लास्टी का उपयोग होता है। यह विधियां शरीर को नए तंत्रिका पथ बनाने में मदद करती हैं और इस प्रकार गंध वापस प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
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गंध प्राप्त करने में नेजल स्प्रे हैं सहायक
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यह उपाय हो सकते हैं फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड के बाद दोबारा गंध प्राप्त करने के लिए अल्फा-लिपोइक एसिड, विटामिन ए सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड नेजल स्प्रे भी सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा घर पर ही आसानी से ओल्फेक्ट्री ट्रेनिंग अभ्यास किए जा सकते हैं, यह गंध तंतुओं को बढ़ावा देने में मदद करता है। हालांकि इन सब उपायों को करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह लेना बेहद आवश्यक है। कोविड-19 से ठीक होने के बाद बिना डॉक्टरी सलाह के इन उपायों को प्रयोग में लाने से नुकसान होने का भी डर रहता है।
कोरोना से रिकवरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोविड से ठीक होने में कितना समय लग सकता है?
अमर उजाला से बातचीत के दौरान मेट्रो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ गोपाल चावला बताते हैं कि कोरोना से ठीक होने का समय एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकता है। कुछ लोग बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं तो कुछ को महीनों लग सकते हैं। कोविड से ठीक होने के बाद भी सभी उपायों का प्रयोग करते रहने के साथ डॉक्टर के निरंतर संपर्क में रहना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा या उपाय को प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
अस्वीकरण नोट: यह लेख जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताए गए उपायों के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।