फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनाकाल में यदि बार-बार हो रही है पेट में गड़बड़ तो विशेषज्ञ द्वारा सुझाए इस फूड चार्ट का करें पालन 

Mon, 17 May 2021 12:18 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
लोगों का पाचनतंत्र कमजोर हो चुका है - फोटो : Social Media

Medically Reviewed by Dr. Parmeet kaur

डॉ. परमीर कौर, वरिष्ठ आहार एवं पोषण सलाहकार, 

नारायण सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम

डिग्री- बीएससी, डीडीपीएचएन, एमएससी

अनुभव- 10 वर्ष

पिछले वर्ष से लॉकडाउन और ‘वर्क फ्रॉम होम' जैसे शब्द बहुत आम हो गए हैं और हमारा एक नाता भी इनसे जुड़ चुका है। जहां इन नवाचारों के कारण हमारा काम करने का तरीका आसान हुआ है और सहूलियत बढ़ी है, वहीं हमारी सेहत पर भी इसका कुछ न कुछ असर जरूर हुआ है। दिनभर घर पर एक जैसे बैठकर काम करने से, चहलकदमी न करने से लोगों का पाचनतंत्र कमजोर हो चुका है। ऐसे में आहार पर विचार तो जरूरी हो गया है। अगली स्लाइड्स से जानते हैं कि कब किस तरह का आहार लेने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। 
 
विज्ञापन

2 of 6
सोने से पहले (10 बजे) दूध-1 कप (150एमएल)  - फोटो : अमर उजाला

इस चार्ट का पालन करें-
सुबह (7 बजे)
- ग्रीन टी / चाय + बिस्किट + बादाम (4-5)+ अखरोट (1-2)

 

-नाश्ता (9 बजे)
ब्राउन ब्रेड/ ओट्स/ दलिया/ साबुत अनाज-25 ग्राम/ पोहा / उपमा / पराठा 
दूध / दही + (यदि अंडा खाते हैं तो उसका सफ़ेद भाग) / अंकुरित अनाज(25 ग्राम)

 

-दोपहर (11 बजे)
फल या सूप।

 

-दोपहर का भोजन (1:30-2 बजे)
सलाद+ 6 रोटी+ चावल+ दाल (1 कटोरी)/ पनीर (30 ग्राम)/ सोयाबीन (30 ग्राम) + मौसमी सब्जी+ दही (1 कटोरी)

 

-शाम (4 बजे)
चाय / दूध (150 एमएल)+ ढोकला -1 पीस/ भेलपूरी/ भूने हुए चने (20ग्राम)/ 2 डाइजेस्टिव बिस्किट

 

शाम  (6 बजे)-
फल/छाछ/ सूप

 

-रात का खाना ( 8 बजे)
सलाद
रोटी+ दाल 1 कटोरी/ पनीर/ सोयाबीन
मौसमी सब्जी (1 कटोरी)

 

-सोने से पहले (10 बजे)
दूध-1 कप(150एमएल) 

विज्ञापन

3 of 6
चाय, काॅफी आदि का देर रात सेवन - फोटो : Pixabay

खान-पान का नियम
लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम संस्कृति के पनपने से लोगों के खान-पान का समय बदल गया है। हालांकि वर्क फ्रॉम होम नई बात नहीं रही, लेकिन हम इस सहूलियत के कारण अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। भोजन बेसमय करना, देर रात तक जागना या चाय, काॅफी आदि का देर रात सेवन या अधिक सेवन, एक बार में अधिक से अधिक खा लेना जैसी चीजें सामने आ रही हैं।

4 of 6
मेटाबॉलिज्म भी खराब होगा - फोटो : सोशल मीडिया

हो सकती हैं ये बीमारियां
बिगड़ी हुई दिनचर्या का सेहत पर प्रतिकूल असर होता है जिससे मधुमेह, रक्तचाप, पथरी और जीवनशैली से सम्बंधित रोगों का खतरा लगातार बना रहता है। शारीरिक गतिविधियां कम होने से तनाव भी हो सकता है और शरीर की प्राकृतिक घड़ी के बिगड़ जाने से अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। देर रात तक जागने के लिए यदि कॉफी या चाय का सेवन अधिक करते हैं तो पथरी भी हो सकती है। साथ ही अनियमित दिनचर्या के कारण वजन तो बढ़ेगा ही और मेटाबॉलिज्म भी खराब होगा।

 

 

विज्ञापन

5 of 6
आहार जिसमें 50-60 प्रतिशत कार्ब्स हों - फोटो : social media

आहार से आता है जीवन में संतुलन
ऐसा आहार जिसमें 50-60 प्रतिशत कार्ब्स हों, 10 से 12 प्रतिशत प्रोटीन हो तथा 30 प्रतिशत फैट हो उसे संतुलित आहार माना जाता है। साथ ही यदि आपको अचानक कुछ खाने का मन कर रहा हो तो तो जंक फूड खाने की बजाय सलाद, सब्जियों का सूप, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं। कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पहले ही खाना बंद कर दें - फोटो : iStock

शरीर की जरूर सुनें
भोजन समय पर करें और सम्भव हो तो छत पर या घर के पास में ही 30 से 45 मिनट की ब्रिस्क वॉक सुबह शाम करें। भोजन कैलोरी गिनकर खाने के बजाय अपने भोजन में ताजा फल, हरी सब्जियां शामिल करें। भोजन करते समय अपने शरीर की सुनें और जब आपको लगे कि पेट भरने वाला है उससे पहले ही खाना बंद कर दें। क्योंकि आपके मस्तिष्क तक यह संकेत पहुंचने में कुछ समय लगता है कि आपको अब और खाने की आवश्यकता नहीं है।
नोट- यह लेख.परमीर कौर, वरिष्ठ आहार एवं पोषण सलाहकार से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। परमीर कौर पिछले दस सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्री इग्नू और डीयू से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें