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PAM Infection: केरल में 'दिमाग को खाने वाले' अमीबा संक्रमण से लड़के की मौत, दो महीने में सामने आया तीसरा मामला

Fri, 05 Jul 2024 04:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में संक्रमण का खतरा - फोटो : istock
केरल में एक दुर्लभ संक्रामक बीमारी के कारण 14 वर्षीय लड़के की मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़का कथित तौर पर कोझिकोड़ के एक तालाब में कुछ दिनों पहले नहाने गया था जहां से उसे दिमाग को खाने वाले खतरनाक अमीबा का संक्रमण हो गया। इस दुर्लभ और खतरनाक संक्रामक बीमारी को प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस कहा जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं, प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस (पीएएम) मस्तिष्क की एक दुर्लभ और घातक संक्रामक बीमारी है, ये आमतौर पर दूषित पानी के संपर्क में आने के कारण होता है।

गौरतलब है कि पिछले दो महीने में इस संक्रमण से केरल में होने वाली ये तीसरी मौत है। इससे पहले मई-जून के महीने में भी दो लड़कियों की मौत हो गई थी। आमतौर पर "दिमाग खाने वाले अमीबा" के नाम से जाने जाना वाला ये संक्रमण नाक के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचता है। यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता है।
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मस्तिष्क में होने वाला संक्रमण - फोटो : istock
प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस के बारे में जानिए

प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस (पीएएम), नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा के संक्रमण के कारण होती है। यह संक्रमण मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट करने लगता है जिससे ज्यादातर मामलों में मस्तिष्क में गंभीर सूजन और मृत्यु हो जाती है। आंकड़ों से पता चलता है कि वैसे तो पीएएम दुर्लभ है पर ये आमतौर पर स्वस्थ बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में हो सकता है।

संक्रमण की आशंका तब अधिक हो सकती है जब दूषित पानी नाक में प्रवेश कर जाता है। पानी में गोते लगाने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
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संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए

अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि संक्रमितों में शुरुआती लक्षण आमतौर पर फ्लू की तरह (जैसे सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी) होते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है इसके कारण होने वाली समस्याओं के बढ़ने का खतरा अधिक हो जाता है। इस स्थिति में गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे पड़ने, कोमा जैसी मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का खतरा भी हो सकता है।  ये लक्षण आमतौर पर दूषित पानी के संपर्क में आने के एक से 12 दिनों के भीतर शुरू होते हैं। लक्षण तेजी से विकसित हो सकते हैं और पांच से 18 दिनों के भीतर संक्रमण घातक हो सकता है।
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संक्रमण से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : istock
केरल में अलर्ट जारी

केरल में बढ़ते इस संक्रामक रोग को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान करते हुए कहा, बच्चों को तालाब या ठहरे हुए पानी में नहाने से बचना चाहिए। स्विमिंग पूल और वाटर थीम पार्क में पानी को नियमित रूप से क्लोरीनेट करते रहना भी जरूरी है। दूषित पानी के संपर्क में आने के कारण इस संक्रमण का खतरा होता है।


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स्रोत और संदर्भ
Primary Amebic Meningoencephalitis


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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