निमोनिया एक बहुत ही गंभीर बीमारी है, जो सीधे फेफड़ों पर असर डालता है। इस बीमारी में फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। दरअसल, दोनों फेफड़ों के वायुकोष में द्रव या मवाद भर जाता है, जिससे बलगम या मवाद वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। कुछ साल पहले आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल एक लाख से भी अधिक पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत निमोनिया के कारण हो जाती है। हालांकि यह बीमारी बच्चों के अलावा 65 साल से अधिक उम्र के लोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए भी ज्यादा हानिकारक होती है। आइए जानते हैं निमोनिया के उन लक्षणों के बारे में, जिन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।