पैनिक अटैक के कारण हो सकती है घबराहट
- फोटो : Pixabay
ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान
पैनिक अटैक के लक्षण अचानक बिना किसी चेतावनी के उभर आते हैं। इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि यह किसी भी समय उभर सकते हैं। जैसे मॉल में खरीदारी करते समय, ड्राइविंग करते समय, किसी मीटिंग को अटैंड करते समय या यहां तक कि नींद में भी। ये थोड़े अंतराल से भी सामने आ सकते हैं या फिर लगातार भी। इनमें इमोशनल लक्षणों के साथ ही फिजिकल लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण कुछ मिनटों में ही तीव्र हो सकते हैं।
डर या मरने की आशंका का तेज होना, तेज ह्र्दयगति और पसीना आना, गले में जकड़न होना, गला सूखना, कंपकपी, सांस लेने में दिक्कत, ठंड की लहरें आना, जी घबराना, उल्टी होना, चक्कर आना, हॉट फ्लैशेस, अचानक तेज क्रैम्प (दर्द के दौरे) आना, सीने और सिर में दर्द, झुनझुनी होना और मन में निराशा के तेज बहाव आना जैसे हाथ से सब छूट रहा हो, आदि। यदि इन लक्षणों पर काबू न पाया जाए तो स्थिति ज्यादा तकलीफदायक भी हो सकती है।