शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ और मजबूत रहना सबसे आवश्यक होता है। हड्डियों में किसी प्रकार की समस्या शरीर की गतिविधि और संरचना दोनों को प्रभावित कर सकती है। समय के साथ-साथ लोगों को हड्डियों से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं, ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी ही एक गंभीर समस्या है। इस रोग में हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को इतना कमजोर बना देता है कि हल्की सी चोट या झुकने यहां तक कि छींकने या खांसने से भी फ्रैक्चर होने का डर बना रहता है। कूल्हे, कलाई या रीढ़ में, ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
डॉक्टरों के मुताबिक हड्डी के अंदर मधुमक्खी के छत्ते की तरह छोटे-छोटे स्थान होते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस इन स्थानों के आकार को बढ़ाता है, जिससे हड्डियों की ताकत और उनका घनत्व कम हो जाता है। इसके अलावा यह हड्डियों के बाहरी भाग को कमजोर और पतला भी बना देता है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकती है, हालांकि विशेष रूप से वृद्ध महिलाएं और रजोनिवृत्ति के समय में इसका सबसे ज्यादा जोखिम होता है।
आइए आगे की स्लाइडों में इस गंभीर समस्या के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।