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सावधान: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Tue, 27 Jul 2021 03:35 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai

डॉ. आईएन वाजपई 

न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल

अनुभव- 45 वर्ष  

शरीर में पाए जाने वाले हर एक तत्व का बहुत ही महत्व होता है और शरीर के स्वस्थ बने रहने के लिए उनका संतुलन में रहना बहुत जरूरी होता है। अगर किसी भी तत्व की कमी या अधिकता हो जाती है, तो उसका प्रभाव शरीर पर दिखने लगता है। हमारे शरीर में यूरिक एसिड भी मौजूद होता है। दरअसल, यूरिक एसिड एक केमिकल उत्पादित पदार्थ होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसकी ज्यादातर मात्रा खून में घुल जाती है, जिसको किडनी फिल्टर करके मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। हालांकि कई बार शरीर अधिक मात्रा में यूरिक एसिड का उत्पादन करने लगता है, जिसे किडनी फिल्टर नहीं कर पाती। ऐसे में शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है, जिससे गाउट नाम की बीमारी हो सकती है। आइए जानते हैं इस बीमारी और इसके लक्षणों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
गाउट बीमारी क्या होती है? 
  • गाउट, गठिया का ही एक रूप होता है, जिसमें पैर की बड़ी उंगली सबसे ज्यादा प्रभावित होती है, लेकिन यह घुटने, टखने और पैर के निचले हिस्से को भी प्रभावित कर सकता है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन मध्यम आयु वर्ग के लोगों में इसकी संभावना अधिक होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
गाउट के लक्षण क्या हैं? 
  • जोड़ों में दर्द और सूजन 
  • जोड़ छूने पर गर्म महसूस होना 
  • पैरों और पैरों की बड़ी उंगलियों में सूजन 
  • जोड़ों के आसपास जलन महसूस होना 
  • टखनों या घुटनों में दर्द और सूजन 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
यूरिक एसिड न बढ़े, इसके लिए क्या करें? 
  • शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा न बढ़े, इसके लिए फाइबर से भरपूर आहार जैसे दलिया, कद्दू, अजवाइन, ब्रोकली आदि का सेवन करें। इसके अलावा शरीर में विटामिन-सी और पानी की कमी न होने दें। विशेषज्ञ कहते हैं कि रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में यूरिक एसिड जमता नहीं है और अगर पहले से जमा हुआ होता है तो वह उसे बाहर निकाल देता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में यूरिक एसिड के उच्च स्तर का पता लगाने के लिए खून की जांच की जाती है, जिससे पता चलता है कि आपके खून में यूरिक एसिड की मात्रा कितनी है। लेकिन इस टेस्ट को करवाने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। 
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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