फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid XBB: वैरिएंट की संक्रामकता को लेकर कोविड टास्क फोर्स का बड़ा दावा, जानिए किस तरह के हैं इसके लक्षण?

Sun, 30 Oct 2022 03:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना के नए वैरिएंट्स से हो सकता है खतरा - फोटो : istock
सिंगापुर और चीन जैसे देशों में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल का कारण बने कुछ नए वैरिएंट्स भारत के लिए भी चुनौतियां बढ़ा रहे हैं। हाल ही में देश में ओमिक्रॉन फैमिली के ही BA.5.1.7 और BF.7 जैसे वैरिएंट के कारण संक्रमण को बढ़ते हुए देखा गया है। इन्हीं वैरिएंट्स को पिछले महीने चीन में लॉकडाउन जैसी हालात बनाने के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना जा रहा था। इन वैरिएंट्स के अलावा ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट XBB भी देश में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने प्रारंभिक शोध में पाया कि XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो अन्य वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के बीच पुनः संयोजन से उत्पन्न हुआ है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में XBB वैरिएंट के करीब 36 मामले देखे गए हैं। इस वैरिएंट की संक्रामकता को लेकर महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स ने बड़ा दावा किया है। विशेषज्ञों ने बताया कि शुरुआती संकेतों के आधार पर कहा जा सकता है कि यह वैरिएंट गंभीर रोगों का कारण नहीं बन रहा है, इसके लक्षण 'माइल्ड' प्रकृति के हैं।

सिंगापुर के शोधकर्ताओं के साथ किए गए ओमिक्रॉन के एक्सबीबी सबवैरिएंट के अध्ययन में पाया गया है कि इसकी संक्रामकता दर भले अधिक है पर यह ज्यादा चिंताकारक नहीं है, अधिकांश रोगियों का इलाज होम आइसोलेशन में किया जा सकता है। बहुत कम ही रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो रही है। हालांकि इससे बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए अति आवश्यक है।
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना के नए सब वैरिएंट्स की संक्रामकता दर - फोटो : Pixabay

XBB के खतरे को लेकर विशेषज्ञ चिंतित

गौरतलब है कि त्योहारी सीजन के दौरान इस सब-वैरिएंट को विशेष चिंताकारक माना जा रहा है, वैज्ञानिकों को डर था कि इसके कारण तेजी से संक्रमण का प्रसार हो सकता है। इसको लेकर हाल ही में हुई बैठक में स्टेट कोविड टास्क फोर्स ने चिंता जताई थी कि हृदय रोग, मधुमेह जैसी कोमारबिडीटी के शिकार लोगों में इस वैरिएंट के संक्रमण के कारण गंभीर रोग का खतरा हो सकता है।

विशेषज्ञों ने इससे संक्रमितों में लॉन्ग कोविड के जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई थी। शोध में पाया गया है कि यह सब-वैरिएंट आसानी से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है। 
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना का नया वैरिएंट XBB - फोटो : istock

ज्यादातर रोगी आसानी से हो रहे हैं ठीक

महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस सब-वैरिएंट के कारण जिन 36 लोगों को संक्रमित पाया गया था उनमें से केवल 19 में ही इसके लक्षण नजर आ रहे थे, जबकि बाकी संक्रमित एसिम्टोमैटिक थे। 32 मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो गए जबकि चार को एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किसी भी संक्रमित में गंभीर रोग या सांस की तकलीफ जैसी दिक्कत नहीं देखी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये नए वैरिएंट्स आसानी से प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने की क्षमता रखते हैं, इसलिए इससे बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है।

4 of 5
XBB वैरिएंट से संक्रमितों में हल्के लक्षण - फोटो : istock

XBB वैरिएंट के लक्षणों के बारे में जानिए

विशेषज्ञों ने बताया कि XBB वैरिएंट से संक्रमितों में भी पिछले वैरिएंट्स की तरह ही लक्षण देखे जा रहे हैं। संक्रमितों ने खांसी, गला खराब होने, जी मिचलाने-उल्टी, बुखार, ठंड लगने, शरीर में दर्द, थकान, और नाक बहने जैसे लक्षणों के बारे में बताया है। इस वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में गंभीर सांस की दिक्कत या फिर अन्य चिंताकारक समस्या नहीं देखी गई है। ज्यादातर लोग आसानी से घर पर रहकर ठीक हो जा रहे हैं, हालांकि पहले से ही प्रतिरक्षा में कमजोरी वाले रोगियों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना संक्रमण से बचाव करते रहना सभी के लिए जरूरी - फोटो : iStock

XBB वैरिएंट के बारे में जानिए

प्रारंभिक शोध में पाया कि XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो सब-वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के बीच पुनः संयोजन से उत्पन्न हुआ है। कुछ अध्ययनों में इसे अब तक के सभी कोरोना वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक पाया गया है। एशिया पैसिफिक सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शन के अध्यक्ष डॉ पॉल ताम्ब्याह ने एक रिपोर्ट में बताया कि एक्सबीबी वैरिएंट, कोरोना का नया रूप है, खास बात यह है कि इसे उच्च टीकाकरण दर वाले देशों में भी तेजी से उभरता देखा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह टीकाकरण से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है। सभी लोगों को कोरोना के उभरते इस नए खतरे से बचाव करते रहने की आवश्यकता है।


---------------
स्रोत और संदर्भ
Corrections regarding XBB wave in Singapore

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें